Edited By Himansh sharma, Updated: 25 Apr, 2026 08:01 PM

मध्यप्रदेश भाजपा में इन दिनों संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर अंदरखाने हलचल तेज है।
भोपाल। मध्यप्रदेश भाजपा में इन दिनों संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर अंदरखाने हलचल तेज है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल द्वारा तीन प्रकोष्ठों के संयोजकों की घोषणा के बाद इंदौर की राजनीति एक बार फिर चर्चा में आ गई है। खास बात यह रही कि घोषित पदों में से दो महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां इंदौर के नेताओं के खाते में गईं—और दोनों ही नाम प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे के करीबी माने जाते हैं।
व्यापारी प्रकोष्ठ की कमान धीरज खंडेलवाल को सौंपी गई है, जबकि शिक्षक प्रकोष्ठ का प्रदेश संयोजक महेश पालीवाल को बनाया गया है। राजनीतिक गलियारों में इसे सिर्फ सामान्य नियुक्ति नहीं, बल्कि रणदिवे की संगठनात्मक पकड़ और प्रभाव के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इन नियुक्तियों के जरिए उन्होंने एक बार फिर यह संकेत दे दिया है कि मालवा-निमाड़ क्षेत्र में उनकी पकड़ मजबूत बनी हुई है।
धीरज खंडेलवाल पहले भी व्यापारी प्रकोष्ठ के नगर संयोजक रह चुके हैं और इंदौर के व्यापारिक जगत में उनकी मजबूत पहचान है। उन्होंने हाल ही में 5 हजार व्यापारियों को एक मंच पर लाकर अपनी संगठन क्षमता का परिचय दिया था। वे खंडेलवाल समाज के नगर अध्यक्ष होने के साथ-साथ प्रदेश के सबसे बड़े किराना बाजार सियागंज के अध्यक्ष भी हैं।
वहीं महेश पालीवाल को शिक्षक प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी मिलना भी संगठन के भीतर एक रणनीतिक संदेश माना जा रहा है। दोनों नियुक्तियों ने साफ कर दिया है कि इंदौर भाजपा की राजनीति में गौरव रणदिवे का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।
सत्ता और संगठन में चल रही नियुक्तियों के इस दौर में मालवा-निमाड़ के कई नेता भोपाल की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। ऐसे में रणदिवे समर्थकों की यह सफलता आने वाले राजनीतिक समीकरणों का संकेत भी मानी जा रही है।