Edited By meena, Updated: 20 Apr, 2026 08:37 PM

मध्यप्रदेश में निगम मंडलों, प्राधिकरणों और आयोगों में राजनीतिक नियुक्तियों का कभी भी ऐलान हो सकता है। सूत्रों की मानें तो लिस्ट लगभग तय है, हाईकमान से चर्चा के बाद नाम लगभग तय मानें जा रहे है...
भोपाल : मध्यप्रदेश में निगम मंडलों, प्राधिकरणों और आयोगों में राजनीतिक नियुक्तियों का कभी भी ऐलान हो सकता है। सूत्रों की मानें तो लिस्ट लगभग तय है, हाईकमान से चर्चा के बाद नाम लगभग तय मानें जा रहे है। आने वाले दिनों में आधिकारिक सूचना जारी हो सकती है। वहीं जयभान सिंह पवैया की हालिया नियुक्ति के बाद अब यह चर्चा जोरों पर है कि अगला मौका किस नेता को मिलेगा। क्षेत्रीय, राजनीतिक और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए संगठन कुछ नेताओं को मंत्री पद का दर्जा दे सकता है।
केंद्रीय संगठन में बदलाव की अटकलें
इसके साथ ही गोपाल भार्गव और भूपेंद्र सिंह, जीतू जिराती जैसे नेताओं को केंद्रीय संगठन में शामिल किए जाने की अटकलें भी तेज हो गई हैं। गोपाल भार्गव और भूपेंद्र सिंह दोनों बड़े कद्दावर नेता है। सागर से बड़ा चेहरा है। यदि ऐसा होता है, तो प्रदेश की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। वहीं जीतू जिराती जैसे नेताओं को संवैधानिक पदों में जगह दी जा सकती है या राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भेजा जा सकता है।
इन नेताओं के नाम भी चर्चा में
सूत्रों के मुताबिक, रामनिवास रावत, वीडी शर्मा, अजय विश्नोई को निगम-मंडलों में जिम्मेदारी मिलने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। इनके नामों को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं।
सिंधिया खेमे से ये नेता
ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे की बात करें तो सूत्रों का कहना है कि वे अपने 5 नेताओं को मंत्री पद का दर्ज दिलाने की जिद्द पर अड़े हुए हैं। इनमें पूर्व मंत्री इमरती देवी, महेंद्र सिंह सिसोदिया, ओपीएस भदौरिया, गिरिराज दंडोतिया और पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल का नाम शामिल है। सिंधिया दिल्ली से भोपाल तक इसकी लॉबिंग में जुटे है। मामले में सिंधिया का कहना है कि ये वही नेता हैं, जो मुश्किल की घड़ी में दलबदल करते हुए कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। ऐसे में इन्हें पद का दर्जा देना ही होगा।