Edited By Himansh sharma, Updated: 24 Apr, 2026 08:59 PM

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भाजपा युवा मोर्चा के भीतर बड़ा विवाद सामने आया है।
दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भाजपा युवा मोर्चा के भीतर बड़ा विवाद सामने आया है। मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर संगठन में खुली नाराजगी देखने को मिल रही है। भिलाई भाजपा जिलाध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन द्वारा जारी 13 मंडल अध्यक्षों की सूची को 10 मंडलों ने मानने से साफ इनकार कर दिया है। इतना ही नहीं, विरोध में इन मंडलों ने अपनी अलग सूची जारी कर संगठन में हलचल तेज कर दी है। मंडल अध्यक्षों का आरोप है कि जिलाध्यक्ष ने अपनी मनमर्जी से अपने करीबी लोगों को पद दे दिए, जबकि जिन नामों की सिफारिश मंडल स्तर से की गई थी, उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। विरोध कर रहे नेताओं का कहना है कि सूची में ऐसे लोगों को भी जगह दी गई है जो संगठन में सक्रिय नहीं थे और जिनकी छवि भी विवादित रही है। कुछ नामों पर गंभीर आरोप भी बताए जा रहे हैं, जिससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी और बढ़ गई है।
बताया जा रहा है कि 19 अप्रैल को भाजयुमो जिलाध्यक्ष सौरभ जायसवाल और भिलाई भाजपा जिलाध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन ने 13 मंडलों के अध्यक्ष और महामंत्री की सूची जारी की थी। सूची सामने आते ही कई मंडलों ने विरोध शुरू कर दिया। 20 अप्रैल को 13 में से 10 मंडलों ने इस सूची को खारिज करते हुए अपनी अलग सूची सार्वजनिक कर दी। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि जिला अध्यक्ष और मंडल अध्यक्षों के बीच संवाद तक बंद हो गया। 24 अप्रैल को भिलाई-3 चरोदा में 10 मंडल अध्यक्षों ने एक सीक्रेट मीटिंग भी की, जिसमें जिलाध्यक्ष को नहीं बुलाया गया। इस बैठक ने संगठन के भीतर चल रहे तनाव को और उजागर कर दिया।
मामला प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचने के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने भिलाई जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन, भाजयुमो जिलाध्यक्ष सौरभ जायसवाल, सभी मंडल अध्यक्षों, महामंत्रियों और जिले के प्रभारी को रायपुर तलब किया है। माना जा रहा है कि इस बैठक में विवाद सुलझाने की कोशिश की जाएगी।
जिला प्रभारी रामजी भारती ने भी इस पूरे मामले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें सूची जारी होने से पहले कोई जानकारी नहीं दी गई थी और न ही उनकी सहमति ली गई थी। उनका कहना है कि यदि मंडल स्तर से राय लेकर सामूहिक निर्णय होता, तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती।
जिन 10 मंडलों ने अलग सूची जारी की है, उनमें भिलाई-चरौदा, कोहका, वैशाली नगर, सुपेला, कैंप, पूरब, पश्चिम, जामुल, खुर्सीपार और कुम्हारी शामिल हैं। वहीं मुरमुंदा, जेवरा सिरसा और अहिवारा में अभी दूसरी सूची सामने नहीं आई है। अब सबकी नजर रायपुर में होने वाली बैठक पर टिकी है, जहां प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में इस सियासी घमासान का हल निकलने की उम्मीद जताई जा रही है।