Edited By meena, Updated: 11 Apr, 2026 01:54 PM

मध्य प्रदेश में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन को मजबूत करने के लिए प्रदेश नेतृत्व सक्रिय हो गया है...
भोपाल : मध्य प्रदेश में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन को मजबूत करने के लिए प्रदेश नेतृत्व सक्रिय हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी खुद मैदान में उतरकर पार्टी को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने में जुटे हैं। उनके साथ वरिष्ठ नेताओं को भी जिलों में आमजन के मुद्दों पर मुखर होने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाध्यक्षों के कामकाज की होगी गहन समीक्षा
प्रदेश संगठन सृजन अभियान के तहत अब जिलाध्यक्षों की कार्यप्रणाली पर सख्त नजर रखी जा रही है। 15 से 18 अप्रैल के बीच 71 जिलाध्यक्षों के कामकाज की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।इस समीक्षा में जिलाध्यक्षों की क्षेत्रीय सक्रियता, जनसंपर्क और संगठनात्मक मजबूती पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कमजोर प्रदर्शन और निष्क्रियता पाए जाने पर कई जिलाध्यक्षों को हटाया भी जा सकता है। इस पूरी प्रक्रिया की अगुवाई जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी करेंगे, जबकि दिल्ली से वामसी रेड्डी के भोपाल पहुंचकर मॉनिटरिंग करने की भी चर्चा है।
पहले युवक कांग्रेस पर हुई कार्रवाई
इससे पहले भारतीय युवा कांग्रेस में भी निष्क्रियता के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए थे। गुरुवार को प्रदेश में 38 पदों को निष्क्रियता के चलते होल्ड पर रखा गया था। अब इसी तर्ज पर मुख्य कांग्रेस संगठन में भी सक्रियता बढ़ाने के लिए यह कार्रवाई की जा रही है, जिससे स्पष्ट है कि पार्टी नेतृत्व किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
इंदौर विवाद और संगठनात्मक सख्ती
इंदौर में ‘वंदे मातरम’ गायन को लेकर हुए विवाद में एक कांग्रेस पार्षद द्वारा पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाने के मामले में भी संगठन सख्ती दिखा सकता है। हालांकि पार्षद की बर्खास्तगी को लेकर अभी संशय की स्थिति बनी हुई है। यह घटनाक्रम भी इस बात का संकेत है कि पार्टी अनुशासन और संगठनात्मक एकता को लेकर गंभीर है।
17 अप्रैल को ब्लॉक अध्यक्षों का सम्मेलन
भोपाल स्थित पीसीसी कार्यालय में 17 अप्रैल को नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्षों का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें संगठन को मजबूत करने, जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने और चुनावी रणनीति को लेकर दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।