Edited By Vandana Khosla, Updated: 20 Apr, 2026 09:34 AM

इंदौरः एमपी के इंदौर में से बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां राज्य में दर्जा प्राप्त कैबिनेट मंत्री प्रताप करोसिया को पद से हटाया गया है। इसके लिए नगरीय प्रशासन ने आदेश जारी किया है। जारी आदेश के मुताबिक, मध्यप्रदेश राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष...
इंदौरः एमपी के इंदौर में से बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां राज्य में दर्जा प्राप्त कैबिनेट मंत्री प्रताप करोसिया को पद से हटाया गया है। इसके लिए नगरीय प्रशासन ने आदेश जारी किया है। जारी आदेश के मुताबिक, मध्यप्रदेश राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष प्रताप करोसिया का कार्यकाल समाप्त हो गया है। लेकिन, प्रताप करोसिया ने षड्यंत्र रचा बताया गया है। ऐसे में उनके कार्यकाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
जानकारी के अनुसार 15 अप्रैल 2023 को करोसिया को मध्यप्रदेश राज्य सफाई कर्मचारी आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया था। यह कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त पद है। 19 अप्रैल 2023 को करोसिया ने पदभार ग्रहण किया। आदेश में लिखा था कि इस पद की अवधि तीन साल होगी। वहीं, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग संचालनालय से 13 अप्रैल 2026 को आदेश जारी किया गया। जिसमें लिखा है कि अध्यक्ष पद की अवधि तीन वर्ष यानी 14 अप्रैल को समाप्त हो गई है। जिसके बाद प्रताप करोसिया को शासन स्तर से दी गई सुविधाओं को समाप्त माना जाए। इस आदेश पर राज्य सफाई कर्मचारी आयोग की सचिव के तौर पर बबीता मरकाम के हस्ताक्षर हैं।
आदेश के जारी होते ही बवाल मच गया। करोसिया ने इस आदेश पर हस्ताक्षर करने वाली अधिकारी के निलंबन के लिए पत्र लिखा है। साथ ही कोर्ट से स्टे भी ले लिया है। उन्होंने इसे राज्य शासन की गरिमा पर हमला बताया है। इधर सवाल ये उठ रहा है कि करोसिया का तीन वर्ष का कार्यकाल रविवार को पूरा हो गया है। इसके बाद भी करोसिया सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं।
करोसिया का कहना है कि उन्होंने इस पत्र को कोर्ट में चुनौती दी है, कहा कि नियुक्ति का आदेश सरकार एवं मंत्रालय से हुआ है। जबकि कार्यकाल समाप्ति का आदेश एक विभाग की ओर से जारी कर दिया गया। करोसिया का कहना है कि यह पत्र जारी करने के पीछे शासन की छवि धूमिल करने की मंशा है। इसी के साथ इसे किसी का षड्यंत्र बताया गया है।