Edited By Himansh sharma, Updated: 26 Apr, 2026 08:47 AM

मध्यप्रदेश में निगम-मंडलों और बोर्डों में राजनीतिक नियुक्तियों का सिलसिला लगातार जारी है।
भोपाल। मध्यप्रदेश में निगम-मंडलों और बोर्डों में राजनीतिक नियुक्तियों का सिलसिला लगातार जारी है। सरकार ने एक बार फिर कई बड़े नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपते हुए नई नियुक्तियों के आदेश जारी कर दिए हैं। इनमें सबसे चर्चित नाम कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री रामनिवास रावत का है, जिन्हें मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम का अध्यक्ष बनाया गया है।
राज्य शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, म.प्र. राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन के आर्टिकल 84(1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए रामनिवास रावत को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक भोपाल स्थित मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के संचालक मंडल का संचालक नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति को प्रदेश की राजनीति में बड़ा संदेश माना जा रहा है।
इसके अलावा पूर्व सांसद केपी यादव को मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन का अध्यक्ष बनाया गया है। उन्हें यह जिम्मेदारी दो वर्ष के लिए सौंपी गई है। वहीं संजय कांकर को इसी निगम में उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
सरकार ने बीजेपी नेता संजय नगाइच को मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन का अध्यक्ष बनाया है। उनकी नियुक्ति तीन साल की अवधि के लिए की गई है। साथ ही केशव भदौरिया को महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
इन नियुक्तियों को आगामी राजनीतिक समीकरणों और संगठनात्मक संतुलन से जोड़कर देखा जा रहा है। निगम-मंडलों में लगातार हो रही नियुक्तियों से प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है और राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं भी बढ़ गई हैं।