Edited By Himansh sharma, Updated: 26 Apr, 2026 08:02 PM

मध्यप्रदेश में बीजेपी सरकार के भीतर निगम-मंडल और विकास प्राधिकरणों में नियुक्तियों का दौर लगातार तेज होता जा रहा है।
भोपाल। मध्यप्रदेश में बीजेपी सरकार के भीतर निगम-मंडल और विकास प्राधिकरणों में नियुक्तियों का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। एक ओर जहां ग्वालियर विकास प्राधिकरण (GDA) में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, वहीं ग्वालियर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SADA) में भी नए चेहरों को अहम पद देकर संगठन और सत्ता के बीच संतुलन साधने की कोशिश साफ दिखाई दे रही है।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, ग्वालियर विकास प्राधिकरण में मधुसूदन भदौरिया को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं सुधीर गुप्ता और वेद प्रकाश शिवहरे को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये नियुक्तियां कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से आगामी आदेश तक प्रभावी रहेंगी।
इसी क्रम में ग्वालियर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, ग्वालियर में अशोक शर्मा को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि हरीश मेवाफरोश को उपाध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति भी तत्काल प्रभाव से लागू मानी जाएगी।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि निगम-मंडलों और विकास प्राधिकरणों में इस तरह की नियुक्तियां केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश भी होती हैं। लंबे समय से संगठन में सक्रिय नेताओं और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए सरकार इन पदों पर चेहरों का चयन कर रही है।
बीजेपी में लगातार हो रही इन नियुक्तियों को आगामी राजनीतिक रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सत्ता और संगठन के बीच सामंजस्य बनाए रखने, कार्यकर्ताओं को संदेश देने और क्षेत्रीय समीकरण मजबूत करने के लिहाज से ये फैसले महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
प्रदेश में पहले भी कई निगम-मंडलों में नियुक्तियां हो चुकी हैं और अब ग्वालियर की इन नई नियुक्तियों ने यह साफ कर दिया है कि सरकार संगठन के सक्रिय चेहरों को जिम्मेदारी सौंपने के मूड में है। आने वाले दिनों में और भी कई बड़े नामों को नई जिम्मेदारियां मिलने की चर्चा तेज है।