BJP ने देर रात निगम-मंडल में बड़े पैमाने पर की नियुक्तियां, कई नेताओं को मिली जिम्मेदारी! देखें लिस्ट

Edited By Vandana Khosla, Updated: 02 May, 2026 12:47 PM

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भोपाल (इजहार खान): मध्यप्रदेश की राजनीति में देर रात उस समय हलचल तेज हो गई, जब सरकार ने निगम-मंडलों और विभिन्न प्राधिकरणों में एक साथ दर्जन भर से अधिक नियुक्तियों का ऐलान कर दिया। लंबे समय से प्रतीक्षित इन राजनीतिक नियुक्तियों ने सत्ता और संगठन के...

भोपाल (इजहार खान): मध्यप्रदेश की राजनीति में देर रात उस समय हलचल तेज हो गई, जब सरकार ने निगम-मंडलों और विभिन्न प्राधिकरणों में एक साथ दर्जन भर से अधिक नियुक्तियों का ऐलान कर दिया। लंबे समय से प्रतीक्षित इन राजनीतिक नियुक्तियों ने सत्ता और संगठन के बीच संतुलन साधने की कोशिश को भी स्पष्ट कर दिया है।

राज्य सरकार द्वारा जारी सूची के अनुसार, जबलपुर विकास प्राधिकरण की कमान संदीप जैन को सौंपी गई है, जबकि सिंगरौली विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद पर वीरेंद्र गोयल की नियुक्ति हुई है। इसी तरह, राघवेंद्र शर्मा को योग आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। शैक्षणिक क्षेत्र में सौभाग्य सिंह को पाठ्यपुस्तक निगम की जिम्मेदारी दी गई है, वहीं धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े तीर्थ एवं मेला प्राधिकरण की बागडोर विनोद गोटिया को सौंपी गई है। सामाजिक प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए प्रभु दयाल कुशवाहा को कुश कल्याण बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया है।

आवासीय क्षेत्र से जुड़े गृह निर्माण मंडल की जिम्मेदारी ओम जैन को दी गई है, जबकि युवा वर्ग को साधने के उद्देश्य से प्रवीण शर्मा को युवा आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसी क्रम में पंकज जोशी को खादी बोर्ड का अध्यक्ष और राकेश जादौन को उपाध्यक्ष बनाया गया है। कर्मचारी हितों को ध्यान में रखते हुए रमेश शर्मा को कर्मचारी कल्याण समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, वहीं सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए कोशल शर्मा को संस्कृत संस्थान की कमान सौंपी गई है।

इन नियुक्तियों को आगामी राजनीतिक समीकरणों और संगठनात्मक मजबूती के लिहाज से अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकार ने क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं को साधने की रणनीति के तहत यह निर्णय लिया है।

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, इन नियुक्तियों से न सिर्फ पार्टी के भीतर लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे नेताओं को संतुष्टि मिलेगी, बल्कि आगामी चुनावी रणनीति को भी धार मिलेगी। हालांकि, विपक्ष इन नियुक्तियों को लेकर सरकार पर सवाल उठाने की तैयारी में है, जिससे आने वाले दिनों में सियासी बयानबाजी और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।


 

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