Edited By Himansh sharma, Updated: 02 May, 2026 03:59 PM

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित कांकेर-नारायणपुर बॉर्डर क्षेत्र में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित कांकेर-नारायणपुर बॉर्डर क्षेत्र में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के घने जंगल में सर्च ऑपरेशन के दौरान बिछाई गई आईईडी को निष्क्रिय (डिफ्यूज) करते समय जोरदार विस्फोट हो गया। इस हादसे में DRG के 3 जवान शहीद हो गए, जबकि एक जवान गंभीर रूप से घायल है।
सर्च ऑपरेशन के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बलों की टीम फोर्स कोरोसकोडा के जंगल में सर्च अभियान पर निकली थी। अभियान के दौरान नक्सलियों द्वारा पहले से प्लांट की गई आईईडी को डिटेक्ट किया गया। जैसे ही उसे डिफ्यूज करने की प्रक्रिया शुरू हुई, अचानक तेज धमाका हो गया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि मौके पर मौजूद जवानों को संभलने का भी मौका नहीं मिला।
शहीद जवानों की पहचान
इस दर्दनाक हादसे में DRG के तीन जांबाज जवान शहीद हो गए —
सुखराम वट्टी (इंस्पेक्टर)
कृष्णा कोमरा (कॉन्स्टेबल)
संजय गढपाले (कॉन्स्टेबल)
इसके अलावा जवान परमानंद कोमरा गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल बेहतर इलाज के लिए कांकेर रेफर किया गया है।
बस्तर IG ने दी जानकारी
बस्तर रेंज के IG सुंदरराज पी. ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यह अभियान नक्सलियों से मिली सूचनाओं के आधार पर चलाया जा रहा था। पिछले कई महीनों से इलाके में लगातार आईईडी बरामद और निष्क्रिय करने की कार्रवाई चल रही है। उन्होंने कहा कि अब तक सैकड़ों आईईडी को सफलतापूर्वक डिफ्यूज किया जा चुका है, लेकिन आज की घटना बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। लगातार जारी है सर्च ऑपरेशन घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया गया है। सुरक्षा बल आसपास के इलाकों में अन्य संभावित आईईडी की तलाश में जुटे हुए हैं।
यह हादसा एक बार फिर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के सामने मौजूद गंभीर चुनौतियों को उजागर करता है।