जनगणना कार्य से 289 अधिकारी-कर्मचारी गायब, नोटिस जारी, FIR की चेतावनी से हड़कंप!

Edited By Himansh sharma, Updated: 04 May, 2026 08:14 PM

mp census shock 289 employees absent notices issued

जनगणना-2027 के प्रथम चरण में शुरू हुए मकान सूचीकरण कार्य में लापरवाही सामने आने पर प्रशासन सख्त हो गया है।

इंदौर। जनगणना-2027 के प्रथम चरण में शुरू हुए मकान सूचीकरण कार्य में लापरवाही सामने आने पर प्रशासन सख्त हो गया है। नगर निगम सीमा क्षेत्र में चल रहे इस महत्वपूर्ण कार्य से अनुपस्थित पाए गए करीब 289 अधिकारी एवं कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। संबंधितों को अनिवार्य रूप से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने और कार्य पर उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।निगमायुक्त एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी क्षितिज सिंघल द्वारा जारी किए गए इस नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब न देने अथवा अनुपस्थित रहने की स्थिति में विभागीय जांच के साथ-साथ जनगणना अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।

घर-घर गणना में तेजी, लेकिन लापरवाही पर सख्ती

जनगणना के इस चरण में प्रगणक घर-घर जाकर मकानों की सूचीकरण प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। इस दौरान कुल 33 प्रकार की जानकारियाँ एकत्रित की जा रही हैं, जिनमें मकान की संरचना, सुविधाएं, परिवार की सामाजिक-आर्थिक स्थिति और डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि यह कार्य देश की सबसे महत्वपूर्ण सांख्यिकीय प्रक्रियाओं में से एक है, जिसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

व्यापक स्तर पर चल रहा सर्वे

नगर निगम क्षेत्र में यह अभियान 22 जोन के 85 वार्डों में 3,865 ब्लॉकों के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। अनुमान है कि इस प्रक्रिया में लगभग 8 लाख मकानों तक प्रगणक पहुंचेंगे। प्रत्येक गणना ब्लॉक में औसतन 200 मकान या लगभग 700 से 800 लोगों की जनसंख्या शामिल की जा रही है।

33 बिंदुओं पर हो रहा विस्तृत सर्वे

सर्वे के दौरान मकान की दीवार, छत और फर्श की स्थिति से लेकर परिवार की आर्थिक और सामाजिक जानकारी, पेयजल स्रोत, शौचालय सुविधा, ईंधन उपयोग, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल संसाधनों तक का विस्तृत डेटा एकत्र किया जा रहा है। साथ ही मोबाइल नंबर सहित अन्य आवश्यक जानकारियां भी दर्ज की जा रही हैं।

प्रशासन का सख्त संदेश

प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुपस्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्धारित समय सीमा में जवाब न देने वालों पर कठोर कार्रवाई तय मानी जा रही है। यह कार्रवाई न केवल अनुशासन का संकेत है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकार जनगणना प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!