Edited By Desh Raj, Updated: 18 Apr, 2026 05:30 PM

छतीसगढ़ में एक बड़ी कार्रवाई हुई है।इस कार्रवाई के बाद हड़कंप है। दरअसल नगर निगम में 100 करोड़ से ज्यादा के करप्शन मामले में अहम एक्शन किया है।
(रायपुर):छतीसगढ़ में एक बड़ी कार्रवाई हुई है।इस कार्रवाई के बाद हड़कंप है। दरअसल नगर निगम में 100 करोड़ से ज्यादा के करप्शन मामले में अहम एक्शन किया है। बड़ी कार्रवाई करते हुए आयुक्त ने चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।
अवैध जमीन को गलत तरीके से वैध बनाने की साजिश के मामले में कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक मामला सैंकड़ों एकड़ अवैध जमीन को गलत तरीके से वैध बनाने की साजिश से कनेक्ट बताया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि पूरी प्रक्रिया में नगर निगम मुख्यालय को बायपास करके काम किया गया। जानकारी के मुताबिक रायपुर नगर निगम में टीएनसी और मार्ग संरचना अप्रवूल के नाम पर 69 भूखंडों की फाइल गायब हो गई ।यह नगर निगम जोन 10 के कामरेड सुधीर मुखर्जी वार्ड में आरडीए कालोनी से लगे बोरियाखुर्द, ओम नगर, सांई नगर, बिलाल नगर क्षेत्र के भूखंडों से जुड़ा मामला है।
चार सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कड़ा एक्शन
नगर निगम आयुक्त ने चार सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कड़ा एक्शन लेते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जोन क्रमांक 10 के तत्कालीन जोन कमिश्नर विवेकानंद दुबे, कार्यपालन अभियंता आशीष शुक्ला, इंजीनियर योगेश यादव और अजय श्रीवास्तव के खिलाफ निलंबन की कड़ी कार्रवाई अमल में लाई गई है। इस मामले में विधिक कार्रवाई के साथ-साथ वेतन वृद्धि में भी रोक लगाई जाएगी।
इस मामले की जांच के लिए गठित चार सदस्यीय कमेटी ने गहराई से जांच की और अपनी रिपोर्ट में बड़ा कुछ पाया। रिपोर्ट में बताया गया है कि जांच के दौरान कई बार दस्तावेज मांगे जाने के बाद भी उपलब्ध नहीं कराए गए। यहीं नहीं इस पूरे खेल में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका भी जताई गई है।
वहीं इस मामले को लेकर नगर निगम नेता प्रतिपक्ष ने गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने इसे 100 करोड़ से अधिक का घोटाला बताकर बड़ी बात कही है। उनके मुताबिक बिल्डरों के साथ ही कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से बड़ा खेल खेला गया है। नियमों और कानूनों की धज्जियां उड़ाई गई हैं।ये अवैध कॉलोनियों को वैध करने की एक बड़ी साजिश है। लिहाजा ये एक बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।