Edited By meena, Updated: 22 Apr, 2026 09:14 PM

मध्य प्रदेश में सरकार साल 2026 में नई तबादला नीति लागू करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संकेतों के बाद सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) नई ट्रांसफर नीति का...
भोपाल : मध्य प्रदेश में सरकार साल 2026 में नई तबादला नीति लागू करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संकेतों के बाद सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) नई ट्रांसफर नीति का ड्राफ्ट तैयार कर रहा है। कयास है कि अप्रैल के अंत तक कैबिनेट में यह प्रस्ताव पेश किया जा सकता है।
नई तबादला नीति के तहत प्रदेश में 15 मई के बाद तबादले शुरू हो सकते हैं। यह तबादला आदेश ऑनलाइन जारी होगे। इसके तहत किसी भी संवर्ग में अधिकतम 20 प्रतिशत तबादले किए जा सकेंगे। राज्य संवर्ग के प्रथम श्रेणी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के तबादला समन्वय के माध्यम से मुख्यमंत्री के अनुमोदन (अप्रूवल) से होंगे। शेष अधिकारियों के तबादले विभागीय मंत्रियों के मंशानुसार होंगे। इसमें एक ही स्थान पर तीन साल से ज्यादा सालों से काम कर रहे अधिकारियों के तबादलों को पहल दी जाएगी।
इन अधिकारी-कर्मचारियों के तबादलों पर लगी रोक
सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, जनगणना के काम में लगे अधिकारी-कर्मचारियों के तबादले फिलहाल नहीं होंगे। इसके लिए भारत सरकार के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। यह आदेश जनगणना का कार्य पूरा होने पर प्रभावी रहेगा। मध्य प्रदेश में 1 मई से जनगणना शुरु हो रही है। अधिकारियों की मानें तो हर जिले में 15 से 20 प्रतिशत कर्मचारियों की जनगणना में ड्यूटी लगाई गई है। जनगणना का कार्य पूरी तरह टाइम-बाउंड है और केंद्र सरकार इसकी लगातार मॉनिटरिंग करती है। इस काम में किसी भी तरह की लापरवाही या देरी के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार होगी। इसलिए जनगणना में लगे कर्मचारियों के तबादलों पर रोक लगा दी गई है। हालांकि ऐसे अधिकारी-कर्मचारियों के लिए सरकार अलग से प्रावधान करने का सोच रही है।