Edited By meena, Updated: 05 May, 2026 05:15 PM

रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए मोहन सरकार ने किसान हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है...
भोपाल : रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए मोहन सरकार ने किसान हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। जिन जिलों में उपार्जन लक्ष्य के मुकाबले कमी (शॉर्टफॉल) देखी जा रही है, वहां किसानों की सुविधा के लिए गोदामों की लाइसेंसी क्षमता का 120 प्रतिशत तक उपयोग करने की अनुमति दी गई है।
इस फैसले का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों की उपज का तत्काल और सुरक्षित भंडारण हो सके तथा उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। अक्सर सीमित भंडारण क्षमता के कारण किसानों को अपनी उपज रखने में कठिनाई होती है, जिसे देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
इसके अलावा, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अन्य जिलों में भी यदि इसी प्रकार की शॉर्टफॉल की स्थिति उत्पन्न होती है, तो वहां भी इसी नियम के तहत गोदाम क्षमता को 120 प्रतिशत तक उपयोग करने की अनुमति दी जाएगी। यह निर्णय किसानों के हित में उठाया गया एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे उपार्जन प्रक्रिया अधिक सुगम और प्रभावी हो सकेगी।