CM के कड़े तेवर देख सहमे अधिकारी, PWD अफसर पर भड़के, कहा-ध्यान दो, नहीं तो ठीक नहीं होगा, मीटिंग से बाहर जाओ

Edited By Desh Raj, Updated: 04 May, 2026 10:36 PM

cm lashes out at pwd officer  get out of the meeting

छतीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (CM Sai) वैसे तो शांत औऱ सहज रहते है लेकिन सुशासन तिहार के बीच सीएम साय के कड़े तेवर देखने को मिले है। यहां वो अफसर पर भड़क गए औऱ खरी खरी सुना दी।

(बलरामपुर): छतीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (CM Sai) वैसे तो शांत औऱ सहज रहते है लेकिन सुशासन तिहार के बीच सीएम साय के कड़े तेवर देखने को मिले है। यहां वो अफसर पर भड़क गए औऱ खरी खरी सुना दी।

दरअसल रविवार को सीएम साय बलरामपुर दौरे पर थे, इस मौके पर उन्होंने सुशासन तिहार के तहत विभागों की समीक्षा बैठक ली।  इसी दौरान ये वाक्या हुआ जब PWD के एक अधिकारी सड़क मरम्मत को लेकर सही जानकारी नहीं दे पाए,जिससे मुख्यमंत्री जी गुस्सा हो गए।

मुख्यमंत्री ने सीधे कहा- मीटिंग से निकलो, बाहर जाओ और अपने सचिव से बात करो । यहां पर सही जानकारी लेकर आओ। सीएम का ये रौद्र रुप देखते ही वहां पर अचानक से सन्नाटा छा गया और सभी सन्न रह गए।

समीक्षा बैठक में अधिकारियों के याद दिलाए उनके कर्तव्य

सीएम साय ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को समझाइस देते हुए जनता के प्रति कर्तव्यों को याद दिलाया। कहा कि हम सब जनता के सेवक हैं,  सभी को अपने कार्यालय को सेवा तीर्थ समझना है।  बैठक में सीएम साय ने साफ कर दिया कि सरकार का विकास सडक़ से दिखता है और इसको लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

इसी कड़ी में सडक़ मरम्मत में देरी पर उन्होंने नाराजगी  जताई और निर्देश दिया कि मानसून आने से पहले सभी सडक़ों की मरम्मत पूरी हो, और आबादी क्षेत्रों की सडक़ों को प्राथमिकता दी जाए। यही नहीं सीएम ने अधिकारियों को चेतावनी भी दी कि -ध्यान देना, नहीं तो ठीक नहीं होगा। इसके साथ ही सीएम ने जिला खनिज निधि के दुरुपयोग पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि डीएमएफ की 70 फीसदी राशि खदान के पास के गांवों पर खर्च होनी चाहिए। मुख्यालय के नाम पर इसे खर्च करना स्वीकार्य नहीं है।

इसके साथ ही आम जनता के लिए  बड़ी घोषणा करते हुए सीएम साय ने कहा कि पूरे राज्य के राजस्व अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जाएगा।  मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नसीहत दी है कि सभी लोग जनता का सम्मान करें, उन्हें इज्जत दें, धैर्य से सुनें और उनका काम समय पर पूरा करें।  इसके साथ ही कलेक्टरों को उनके  अधीन काम करने वाले अधिकारियों के काम का मूल्यांकन करने और  जरूरत पड़ने पर सख्त कार्रवाई के लिए भी कह दिया है।

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