निगम-मंडलों की नियुक्तियों के बाद भाजपा सख्त, गुटबाजी को लेकर नेताओं को दी सख्त हिदायत

Edited By meena, Updated: 08 May, 2026 03:31 PM

bjp cracks down following appointments to corporations and boards issues strict

निगम-मंडलों में नियुक्तियों के बाद सामने आई गुटबाजी को लेकर प्रदेश भाजपा नेतृत्व अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है।  इसे लेकर बुधवार रात हुई भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की बैठक में संगठन ने...

भोपाल : निगम-मंडलों में नियुक्तियों के बाद सामने आई गुटबाजी को लेकर प्रदेश भाजपा नेतृत्व अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है।  इसे लेकर बुधवार रात हुई भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की बैठक में संगठन ने साफ संदेश दिया कि व्यक्तिवाद और गुटबाजी की राजनीति किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नेताओं से कहा गया कि सभी को संगठन की लक्ष्मण रेखा में रहकर काम करना होगा, अन्यथा ऐसे लोगों को दरकिनार कर दिया जाएगा।

बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल, प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल मौजूद रहे। वहीं प्रदेश के अधिकांश सांसद, मंत्री, विधायक और निगम-मंडलों के नवनियुक्त पदाधिकारी वर्चुअली बैठक से जुड़े।

बैठक में स्पष्ट किया गया कि निगम-मंडलों में की गई सभी नियुक्तियां संगठन स्तर पर व्यापक विचार-विमर्श और समन्वय के बाद तय की गई हैं। इसलिए इन नियुक्तियों का विरोध किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। पार्टी नेतृत्व ने दो टूक कहा कि संगठन के निर्णय को सभी नेताओं को मानना होगा और सार्वजनिक रूप से एकजुटता दिखाई देनी चाहिए।

सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी बैठक में कहा कि निगम-मंडल, प्राधिकरण और आयोगों में जो नियुक्तियां हुई हैं, वे सभी के सामूहिक समन्वय से की गई हैं। उन्होंने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को आपसी तालमेल और सामूहिक नेतृत्व के साथ काम करने की सलाह दी।

दरअसल, कुछ जिलों में कुछ नियुक्तियों को लेकर अंदरूनी विरोध की खबरें सामने आई थीं, जिसे पार्टी नेतृत्व ने गंभीरता से लिया है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने नेताओं को निर्देश दिए कि जब नवनियुक्त पदाधिकारी अपने जिलों में पहुंचें तो उनका एकजुट होकर स्वागत किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि स्वागत कार्यक्रमों में होर्डिंग, पोस्टर और बैनरों में व्यक्तिवादी राजनीति दिखाई नहीं देनी चाहिए। संगठन की प्राथमिकता सामूहिक नेतृत्व और पार्टी की विचारधारा है।

बैठक में कोर ग्रुप बैठकों को लेकर भी नाराजगी सामने आई। नेतृत्व ने कहा कि कई मंत्री और विधायक नियमित रूप से कोर ग्रुप बैठकों में समय नहीं दे रहे हैं। इस पर सभी जनप्रतिनिधियों को निर्देश दिए गए कि तय समय पर कोर ग्रुप की बैठकें अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएं और सभी अपेक्षित पदाधिकारी उनमें शामिल हों।

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