Edited By Himansh sharma, Updated: 30 May, 2026 06:15 PM

मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। 26 सीटों के लिए 18 जून को होने वाले मतदान से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं।
भोपाल। मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। 26 सीटों के लिए 18 जून को होने वाले मतदान से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। प्रदेश इकाई की ओर से संभावित उम्मीदवारों के नाम केंद्रीय नेतृत्व को भेजे जा चुके हैं और माना जा रहा है कि अगले तीन से चार दिनों में पार्टी अपने अधिकृत उम्मीदवारों की घोषणा कर सकती है।
मध्यप्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर इस बार चुनाव होना है। इनमें दो सीटें बीजेपी और एक सीट कांग्रेस के खाते में हैं। बीजेपी की ओर से वर्तमान में केंद्रीय राज्यमंत्री जॉर्ज कुरियन और डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी राज्यसभा सदस्य हैं, जबकि कांग्रेस की सीट पर वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह सांसद हैं।
सूत्रों के अनुसार, इस बार बीजेपी उम्मीदवार चयन में सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को साधने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी के भीतर सामान्य वर्ग से किसी मजबूत चेहरे को राज्यसभा भेजने पर गंभीर मंथन चल रहा है। हालांकि संभावित नामों की सूची में विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले नेताओं को शामिल किया गया है।
सबसे अधिक चर्चा पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के नाम को लेकर है। छह बार विधायक रह चुके मिश्रा संगठन और सरकार दोनों में लंबे अनुभव वाले नेताओं में गिने जाते हैं। केंद्रीय नेतृत्व, विशेषकर गृह मंत्री अमित शाह के साथ उनकी निकटता और संसदीय मामलों की समझ को उनकी प्रमुख ताकत माना जा रहा है। ब्राह्मण समाज में प्रभावी पकड़ रखने वाले मिश्रा को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं लगातार तेज हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज्यसभा उम्मीदवारों का चयन केवल संगठनात्मक निष्ठा के आधार पर नहीं, बल्कि आगामी चुनावी रणनीति और राष्ट्रीय राजनीति की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाएगा। ऐसे में अंतिम सूची आने तक कई नामों पर अटकलों का दौर जारी रहने वाला है। अब सबकी निगाहें दिल्ली पर टिकी हैं, जहां केंद्रीय नेतृत्व की अंतिम मुहर के बाद यह साफ होगा कि मध्यप्रदेश से राज्यसभा की राह किसके लिए खुलती है और किसकी उम्मीदें अधूरी रह जाती हैं।