Edited By Himansh sharma, Updated: 30 May, 2026 12:49 PM

राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को लेकर देशभर में चल रही राजनीतिक बहस अब छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी गूंजने लगी है।
रायपुर। राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को लेकर देशभर में चल रही राजनीतिक बहस अब छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी गूंजने लगी है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मुद्दे पर भाजपा को सीधे चुनौती देते हुए कहा है कि पार्टी के नेता और कार्यकर्ता एक साथ बिना देखे वंदे मातरम् गाकर दिखाएं। उनके इस बयान के बाद सियासी गलियारों में नई बहस छिड़ गई है।
भूपेश बघेल ने दावा किया कि कांग्रेस की राजनीतिक और संगठनात्मक बैठकों की शुरुआत वर्षों से वंदे मातरम् के गायन के साथ होती रही है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक कांग्रेस के कार्यक्रमों में राष्ट्रीय गीत को सम्मानपूर्वक गाया जाता है, जबकि भाजपा केवल राष्ट्रवाद की राजनीति करती है, लेकिन उसके कार्यकर्ता स्वयं वंदे मातरम् गाने से बचते रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने हालिया दिल्ली दौरे की जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की। इस दौरान पंजाब में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में संगठनात्मक मजबूती, चुनावी रणनीति और पार्टी की तैयारियों पर मंथन किया गया।
वहीं, केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर भाजपा द्वारा शुरू किए जा रहे महाजनसंपर्क अभियान पर भी बघेल ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा को जनता के बीच जरूर जाना चाहिए, क्योंकि अब जनता जवाब मांगने के लिए तैयार बैठी है। उनके मुताबिक महंगाई, बेरोजगारी और किसानों से जुड़े मुद्दों पर लोगों के सवालों का सामना भाजपा को करना पड़ेगा।
भूपेश बघेल के इस बयान ने वंदे मातरम् के मुद्दे को एक बार फिर राजनीतिक विमर्श के केंद्र में ला खड़ा किया है। अब देखना होगा कि भाजपा इस चुनौती का किस तरह जवाब देती है और यह बहस आने वाले दिनों में किस दिशा में आगे बढ़ती है।