Edited By Vandana Khosla, Updated: 15 Oct, 2026 10:53 AM

कांकेरः छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बुधवार को फसल बीमा की राशि दिलाने के बदले रिश्वत मांगने के मामले में दो ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को 20 हजार रुपये लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। एसीबी के अनुसार गिरफ्तार...
कांकेरः छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बुधवार को फसल बीमा की राशि दिलाने के बदले रिश्वत मांगने के मामले में दो ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को 20 हजार रुपये लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। एसीबी के अनुसार गिरफ्तार अधिकारियों की पहचान सुन्दर लाल बच्छड़ और प्रवीण उर्फ रिंकू चंद्राकर के रूप में हुई है। दोनों जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।
आरोप है कि दोनों ने एक किसान को फसल बीमा की 90 हजार रुपये की राशि दिलाने के एवज में उसका 75 प्रतिशत हिस्सा रिश्वत के रूप में मांगा था। मामला आमाबेड़ा तहसील के आलनार गांव निवासी किसान सगाऊ राम कोमरा से जुड़ा है। फसल खराब होने के बाद किसान को बीमा योजना के अंतर्गत 90 हजार रुपये मिलने थे। शिकायत के मुताबिक इस राशि का भुगतान कराने के बदले दोनों अधिकारियों ने 67,500 रुपये की मांग की थी। रिश्वत की मांग से परेशान किसान ने रकम देने के बजाय आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कराने का निर्णय लिया और एसीबी की जगदलपुर इकाई में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने इसका सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने संबंधी आरोप सही पाए गए। इसके बाद एसीबी ने दोनों अधिकारियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। पूर्व निर्धारित योजना के तहत बुधवार को किसान से रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 20 हजार रुपये लेते समय सुन्दर लाल बच्छड़ और प्रवीण उफर् रिंकू चंद्राकर को रंगे हाथों पकड़ लिया गया। एसीबी ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की वर्ष 2018 में संशोधित धारा 7 और 12 के तहत कार्रवाई शुरू की है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।