Edited By meena, Updated: 09 Oct, 2026 07:57 PM

छतरपुर जिले में खाद वितरण व्यवस्था और कृषि विभाग की योजनाओं की खराब प्रगति पर कलेक्टर मृणाल मीना ने सख्त कार्रवाई की है। नौगांव विकासखंड के वरिष्ठ...
छतरपुर (राजेश चौरसिया) : छतरपुर जिले में खाद वितरण व्यवस्था और कृषि विभाग की योजनाओं की खराब प्रगति पर कलेक्टर मृणाल मीना ने सख्त कार्रवाई की है। नौगांव विकासखंड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी (SADO) सूरजभान पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। विभागीय कार्यों में लापरवाही, योजनाओं की प्रगति कमजोर रहने और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं करने को कार्रवाई का आधार बताया गया है। वहीं, इस मामले में उप संचालक कृषि की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, उनकी संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
तीन दिन में मांगा था जवाब, नहीं दिया स्पष्टीकरण
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, छतरपुर ने 21 सितंबर 2026 को सूरजभान पटेल को पत्र जारी कर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 16 के तहत तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा था। निर्धारित समय में जवाब प्रस्तुत नहीं करने और कार्यप्रणाली में अपेक्षित सुधार नहीं होने को भी कार्रवाई का आधार बनाया गया।
समीक्षा बैठक में सामने आई नौगांव की खराब प्रगति
8 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट सभागार में कृषि विभाग की योजनाओं और खाद-उर्वरक वितरण व्यवस्था की समीक्षा की गई थी। बैठक में नौगांव विकासखंड की प्रगति अत्यंत कम पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। किसानों को खाद उपलब्ध कराने और विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही के मामले को गंभीर मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई।
बिजावर रहेगा निलंबन मुख्यालय
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सूरजभान पटेल को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, अनुभाग बिजावर निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
उप संचालक की भूमिका पर भी चर्चा
इस कार्रवाई के बाद कृषि विभाग की कार्यप्रणाली और खाद वितरण व्यवस्था की निगरानी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, मामले में उप संचालक कृषि की भूमिका की भी चर्चा है। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक निष्कर्ष या कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है।