Edited By Vandana Khosla, Updated: 29 Sep, 2026 09:42 AM

भोपालः मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के एमपी नगर क्षेत्र में सड़क पार करते समय बिजली के पोल को पकड़ने से भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी की करंट लगने से मृत्यु हो गई। घटना में एक महिला भी करंट की चपेट में आ गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर...
भोपालः मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के एमपी नगर क्षेत्र में सड़क पार करते समय बिजली के पोल को पकड़ने से भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी की करंट लगने से मृत्यु हो गई। घटना में एक महिला भी करंट की चपेट में आ गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। वही भोपाल कलेक्टर ने इस मामले में पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है।
प्रत्यक्षदर्शी हेड कांस्टेबल जगदीश दांगी के अनुसार दिव्यऋषि तिवारी सड़क पार करने के लिए डिवाइडर पर चढ़कर दूसरी ओर जाने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने सहारे के लिए सड़क किनारे लगे बिजली के पोल को एक हाथ से पकड़ा। पोल में करंट होने से उन्हें तेज झटका लगा और वह गिर पड़े। इस दौरान एक महिला भी करंट की चपेट में आ गई। मौके पर मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने दोनों को संभाला। करंट लगने के बाद मौके पर मौजूद यातायात पुलिसकर्मियों ने दिव्यऋषि तिवारी को सीपीआर दिया और उपचार के लिए एम्स भोपाल ले गए, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
एमपी नगर थाना प्रभारी जयहिंद शर्मा के अनुसार संबंधित कट प्वाइंट पर पिछले तीन-चार दिनों में सात से अधिक लोगों को करंट लगने की जानकारी सामने आई है और इसकी शिकायत भी की गई थी। घटना के बाद पुलिस ने कट प्वाइंट पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही रोक दी। नगर निगम के अधीक्षक यंत्री आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि जिस पोल से करंट लगा, वह नगर निगम का है और उस पर स्ट्रीट लाइट लगी है। उन्होंने कहा कि पोल में करंट आने के कारणों का परीक्षण कराकर सुधार कराया जाएगा। उनके अनुसार नगर निगम को पहले इस पोल में करंट आने की कोई शिकायत नहीं मिली थी।
बिजली विभाग और लोक निर्माण विभाग की ओर से भी नगर निगम को इसकी सूचना नहीं दी गई थी। पोल के पास तार खुले होने की बात भी सामने आई है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि पोल में करंट कैसे पहुंचा और वहां खुले तार की स्थिति क्यों बनी। बताया गया है कि स्ट्रीट लाइट का यह पोल मेट्रो परियोजना के निर्माण कार्य के दौरान लगाया गया था और इसका रखरखाव नगर निगम करता है। ऑ
घटना के संबंध में कलेक्टर भोपाल ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति में अपर कलेक्टर सुमित पांडे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मनीष शर्मा, विद्युत सुरक्षा के कार्यपालन यंत्री मोहम्मद जावेद तथा मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण अभियंता प्रदीप सिंह चौहान को शामिल किया गया है। समिति को पांच दिवस में जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस द्वारा घटना से जुड़े बिजली पोल, विद्युत कनेक्शन और निर्माण कार्य की स्थिति की जांच की जा रही है।