Edited By Himansh sharma, Updated: 27 Sep, 2026 03:28 PM

जिले के महसांव स्थित शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल में निरीक्षण के दौरान सामने आई गंभीर लापरवाहियों पर प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
रीवा। जिले के महसांव स्थित शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल में निरीक्षण के दौरान सामने आई गंभीर लापरवाहियों पर प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। शनिवार को कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के औचक निरीक्षण के बाद स्कूल के प्रभारी प्राचार्य को निलंबित कर दिया गया। निरीक्षण के दौरान प्रभारी प्राचार्य के नशे की हालत में होने की शिकायत सामने आई थी। मामले में मेडिकल जांच के निर्देश दिए जाने के बाद निलंबन प्रस्ताव तैयार किया गया, जिस पर अब कार्रवाई हो चुकी है। कलेक्टर शनिवार को जन विश्वास अभियान के तहत गुढ़ में आयोजित जन विश्वास शिविर में शामिल होने जा रहे थे। रास्ते में उन्होंने महसांव के सरकारी स्कूल का अचानक निरीक्षण किया। कलेक्टर के पहुंचते ही स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी कई कमियां सामने आईं।
विद्यार्थियों को नहीं मिलीं जरूरी किताबें
जांच के दौरान पाया गया कि कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को जीव विज्ञान की किताबें वितरित नहीं की गई थीं। इसी तरह कक्षा छठवीं के हिंदी विषय की पुस्तकें भी छात्रों तक नहीं पहुंची थीं। इसके अलावा स्कूल के नौ विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति से संबंधित ई-केवाईसी प्रक्रिया लंबित पाई गई। कलेक्टर ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं प्रभारी प्राचार्य से स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर जानकारी मांगी गई। निरीक्षण के दौरान उनके व्यवहार और स्थिति को लेकर भी सवाल उठे। इसके बाद प्रशासन ने मेडिकल परीक्षण कराने के निर्देश दिए और निलंबन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
स्कूल परिसर में जलभराव ने बढ़ाई परेशानी
निरीक्षण के दौरान स्कूल परिसर के साथ पुराने भवन के पीछे भी पानी जमा मिला। बारिश के कारण हुए जलभराव से विद्यार्थियों और स्कूल स्टाफ को परेशानी होने की स्थिति सामने आई। कलेक्टर ने मौके से ही जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पानी की निकासी की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।
जनपद पंचायत सीईओ पूनम दुबे के मुताबिक, तत्काल राहत के तौर पर पानी निकालने की अस्थायी व्यवस्था कर दी गई है। बारिश का दौर समाप्त होने के बाद पुलिया का निर्माण कर स्थायी जल निकासी की व्यवस्था किए जाने की बात कही गई है।
2019 से अधूरा पड़ा है शौचालय भवन
स्कूल की साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी निरीक्षण में संतोषजनक नहीं मिली। मुख्य भवन के पास वर्ष 2019 से निर्माणाधीन शौचालय भवन अब तक पूरा नहीं हो पाया है। कलेक्टर ने इस मामले में भी जनपद पंचायत सीईओ से रिपोर्ट तलब करने के निर्देश दिए हैं।
ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं
स्कूल का निरीक्षण पूरा करने के बाद कलेक्टर ने ग्राम पतौता और पुरास पहुंचकर ग्रामीणों से संवाद किया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने विभिन्न समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं। फोरलेन निर्माण के चलते सरकारी जमीन से हटाए गए परिवारों को ग्राम पुरास में आबादी भूमि पर आवासीय पट्टे उपलब्ध कराने के संबंध में कलेक्टर ने एसडीएम को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनसंवाद के दौरान सामने आई अन्य शिकायतों और समस्याओं पर भी संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण और जनसंवाद के दौरान प्रशासन ने स्कूल की व्यवस्थाओं के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं को भी प्राथमिकता से लेने का संदेश दिया।