कांग्रेस की लिस्ट में बड़ा खेल! मृत व्यक्ति को बना दिया सचिव, सूची जारी होते ही मचा हड़कंप

Edited By Himansh sharma, Updated: 19 Sep, 2026 03:34 PM

dead man named congress secretary in balod list

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में कांग्रेस संगठन की ओर से जारी पदाधिकारियों की एक सूची सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है।

बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में कांग्रेस संगठन की ओर से जारी पदाधिकारियों की एक सूची सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। जिला कांग्रेस कमेटी के असंगठित समस्या निवारण प्रकोष्ठ की ओर से जारी सूची में एक ऐसे व्यक्ति का नाम सचिव के तौर पर दर्ज बताया जा रहा है, जिनका कई वर्ष पहले निधन हो चुका है। मामला सामने आने के बाद सूची तैयार करने और नामों के सत्यापन की प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।

दरअसल, प्रकोष्ठ की ओर से संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर हाल ही में पदाधिकारियों की सूची जारी की गई। इसमें उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, महासचिव, सचिव सहित कार्यकारिणी के सदस्यों के नाम शामिल किए गए हैं। इसी सूची में बालोद जिले के ग्राम डोडीठेमा निवासी जवाहर निर्मलकर का नाम सचिव पद के लिए दर्ज होने की बात सामने आई है।

स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के मुताबिक, जवाहर निर्मलकर का निधन करीब 8 से 10 वर्ष पहले हो चुका है। ऐसे में उनके नाम का मौजूदा संगठनात्मक सूची में शामिल होना चर्चा का विषय बन गया है। सूची सार्वजनिक होने के बाद स्थानीय कार्यकर्ताओं और लोगों के बीच इस बात को लेकर सवाल उठने लगे कि आखिर पदाधिकारियों के नाम तय करने से पहले संबंधित व्यक्तियों की वर्तमान स्थिति की पुष्टि किस स्तर पर की गई।

सूची जारी होने के बाद सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल

किसी संगठन में नए पदाधिकारियों की घोषणा से पहले संबंधित नामों की जानकारी का सत्यापन किया जाता है। ऐसे में यदि जवाहर निर्मलकर के निधन की जानकारी सही है, तो उनका नाम वर्तमान सूची में शामिल होने को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

मामले ने खासतौर पर इस बात को चर्चा में ला दिया है कि सूची तैयार करने के दौरान स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जानकारी को किस तरह जुटाया गया और अंतिम सूची जारी करने से पहले उसका मिलान या सत्यापन किया गया या नहीं।

वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से चर्चा के बाद नाम तय करने की बात

इस पूरे मामले को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के असंगठित समस्या निवारण प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष जीवराखन साहू का कहना है कि पदाधिकारियों के नाम तय करने से पहले संबंधित क्षेत्रों के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से चर्चा की गई थी। उनके सुझाव और उपलब्ध जानकारी के आधार पर ही संगठन के अलग-अलग पदों के लिए नामों का चयन किया गया।

हालांकि, जवाहर निर्मलकर का नाम सचिव पद पर सामने आने के बाद अब संगठन की ओर से तैयार की गई सूची की दोबारा जांच की जरूरत को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। फिलहाल यह मामला बालोद कांग्रेस के संगठनात्मक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं, यदि संबंधित व्यक्ति के निधन की जानकारी की आधिकारिक पुष्टि होती है, तो यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि सूची में उनका नाम किस स्तर पर और किस प्रक्रिया के तहत शामिल हुआ।

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