Edited By meena, Updated: 19 Sep, 2026 07:43 PM

रायसेन जिला अस्पताल में एक 16 वर्षीय नाबालिग के 7 माह के मृत बच्चे को जन्म देने का मामला सामने आया है। नाबालिग के प्रसव की जानकारी मिलते ही...
रायसेन (शिवलाल यादव) : रायसेन जिला अस्पताल में एक 16 वर्षीय नाबालिग के 7 माह के मृत बच्चे को जन्म देने का मामला सामने आया है। नाबालिग के प्रसव की जानकारी मिलते ही जिला अस्पताल प्रबंधन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बाल कल्याण समिति (CWC) को सूचना दी। सूचना मिलते ही समिति की टीम जिला अस्पताल पहुंची और नाबालिग से बातचीत कर प्रारंभिक जांच शुरू की।
बाल कल्याण समिति की जांच में नाबालिग के बाल विवाह की जानकारी सामने आई है। समिति के मुताबिक नाबालिग की शादी करीब तीन साल पहले रायसेन जिले के एक गांव में हुई थी। इसके पहले भी करीब एक साल पूर्व उसका चार माह का गर्भ गिरने की जानकारी सामने आई है। अब समिति पूरे मामले की जांच कर रही है।
ड्यूटी डॉक्टर ने अस्पताल प्रबंधन को दी जानकारी
जिला अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर दीपक गुप्ता को नाबालिग के प्रसव की जानकारी मिली। बच्ची ने 7 माह के मृत बच्चे को जन्म दिया था। डॉक्टर गुप्ता ने तत्काल अस्पताल प्रबंधन को इसकी सूचना दी। इसके बाद जिला अस्पताल प्रबंधन ने बिना देरी किए बाल कल्याण समिति को जानकारी दी। सूचना मिलने पर बाल कल्याण बोर्ड समिति के अध्यक्ष आदित्य चावला और समिति की सदस्य ममता पटेल जिला अस्पताल पहुंचे। टीम ने नाबालिग से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी जुटाई और आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।
तीन साल पहले हुआ था बाल विवाह
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नाबालिग मूल रूप से भोपाल क्षेत्र की रहने वाली है और करीब तीन साल पहले उसका विवाह गैरतगंज क्षेत्र के एक गांव में हुआ था। समिति अब यह पता लगाने में जुटी है कि नाबालिग का विवाह किन परिस्थितियों में और किन लोगों की मौजूदगी में कराया गया था। विवाह के समय उसकी उम्र कितनी थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। इसकी भी जांच की जा रही है।
दोषियों पर कई धाराओं में होगी कार्रवाई
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष आदित्य चावला ने बताया कि मामला सामने आते ही टीम जिला अस्पताल पहुंची थी। नाबालिग से बातचीत के बाद बाल विवाह की बात सामने आई है। मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी। जांच में जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ बाल विवाह और पॉस्को एक्ट समेत लागू अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी जाएगी।
अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल सीडब्ल्यूसी को दी सूचना
सिविल सर्जन डॉ. अनिल ओड ने बताया कि ड्यूटी डॉक्टर से जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल बाल कल्याण समिति को सूचित कर दिया था। अब मामले में आगे की कार्रवाई बाल कल्याण समिति और संबंधित अधिकारियों द्वारा की जाएगी।
बाल विवाह रोकने की व्यवस्था पर उठे सवाल
नाबालिग की कम उम्र में शादी और उसके बाद गर्भधारण का मामला सामने आने के बाद बाल विवाह रोकने की सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। खास बात यह है कि नाबालिग का विवाह करीब तीन साल पहले होने की बात सामने आई है। ऐसे में विवाह के समय उसकी उम्र की जांच और बाल विवाह रोकने के लिए जिम्मेदार तंत्र की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।
फिलहाल बाल कल्याण समिति ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि बाल विवाह में कौन-कौन लोग शामिल थे और किन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।