Edited By Vandana Khosla, Updated: 28 Sep, 2026 02:45 PM

रायपुरः छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है और सोमवार को भी राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव समेत 12 जिलों में मौसम बिगड़ने के दौरान 30 से 40 किमी प्रति...
रायपुरः छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है और सोमवार को भी राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव समेत 12 जिलों में मौसम बिगड़ने के दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान जताया है।
मौसम विभाग के अनुसार रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बालोद, कांकेर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, कोरबा, बेमेतरा, कबीरधाम और मुंगेली में मौसम में बदलाव के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। इसके अलावा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। मौसम खराब होने के दौरान कुछ स्थानों पर बिजली चमकने और अचानक तेज हवा चलने की स्थिति भी बन सकती है।
राज्य में तापमान की बात करें तो दुर्ग में अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि अंबिकापुर और पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री दर्ज किया गया। इस बीच पिछले दिनों हुई बारिश के बाद नदी-नालों का जलस्तर अब कम होने लगा है। राजधानी रायपुर के महादेवघाट पुल से लोगों की आवाजाही फिर शुरू हो गई है। अमलेश्वर जाने वाला यह मार्ग पिछले दो दिन से बंद था। महादेवघाट में गणेश विसर्जन के मद्देनजर केवल समितियों के सदस्यों को प्रवेश दिया जा रहा है। राज्य में बारिश के दौरान उफनते नदी-नालों में अलग-अलग घटनाओं में कुल 12 लोग बह गए, जिनमें तीन लोगों की मौत हो गई।
मौसम विभाग ने गरज-चमक और तेज हवा की स्थिति में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। खुले मैदान में जाने से बचने तथा पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर निर्माण वाली जगहों से दूरी बनाए रखने को कहा गया है। अचानक मौसम बदलने की स्थिति में वाहन चलाते समय भी सतकर्ता बरतने की सलाह दी गई है। छत्तीसगढ़ में मानसून सीजन समाप्त होने से चार दिन पहले ही सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। राज्य में एक जून से 30 सितंबर के बीच सामान्य औसत बारिश 1132.3 मिमी मानी जाती है, जबकि 26 सितंबर तक 1190.7 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है। यह सामान्य से 5.16 प्रतिशत अधिक है।