Edited By Himansh sharma, Updated: 19 Sep, 2026 01:50 PM

मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई का समय नजदीक आता जा रहा है, लेकिन बारिश अभी थमने के मूड में नहीं है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई का समय नजदीक आता जा रहा है, लेकिन बारिश अभी थमने के मूड में नहीं है। प्रदेश के कई हिस्सों में एक बार फिर मौसम सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। मौसम विभाग ने 19 सितंबर को झाबुआ, रतलाम, नीमच, सिवनी, बालाघाट और श्योपुर में भारी बारिश की संभावना जताई है। इन जिलों के अलावा भी कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार बारिश के दौरान कुछ इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। बिजली चमकने और गरजने के साथ आंधी जैसी स्थिति भी बनने की संभावना है। ऐसे में मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।
इन इलाकों में भी बारिश के आसार
भारी बारिश वाले छह जिलों के अलावा राजगढ़, अलीराजपुर, आगर-मालवा, मंदसौर, गुना, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट समेत आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में स्थानीय मौसम परिस्थितियों के चलते कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
18 सितंबर को इन जगहों पर हुई बारिश
बीते दिन भी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक छिंदवाड़ा में सबसे ज्यादा 24 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके बाद उमरिया में 20 मिलीमीटर और सीधी में 12 मिलीमीटर बारिश हुई। जबलपुर और सागर में 5-5 मिलीमीटर, जबकि रतलाम में 4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बालाघाट के मलाजखंड और राजगढ़ में 0.8-0.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।
20 से 22 सितंबर तक बना रहेगा बारिश का असर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 20, 21 और 22 सितंबर को मध्य प्रदेश के दोनों हिस्सों में मौसम सक्रिय रह सकता है। इस दौरान कई स्थानों पर बादल छाने, गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। हालांकि 23 सितंबर को मौसम में कुछ राहत मिलने के संकेत हैं और अधिकांश हिस्सों में स्थिति सामान्य रह सकती है। लेकिन इसके अगले ही दिन यानी 24 सितंबर को मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। विभाग ने इस दिन प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई है। यानी मानसून की विदाई से पहले मध्य प्रदेश में बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।
अंडमान सागर में बनने वाला सिस्टम बढ़ाएगा हलचल
मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव के पीछे मौजूदा सिस्टम के साथ-साथ बंगाल की खाड़ी से बनने वाली नई मौसमी गतिविधि भी अहम मानी जा रही है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक पश्चिमी हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है, जिसके प्रभाव से कई जिलों में बारिश हो रही है।
वहीं 19 सितंबर की शाम के आसपास उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। शुरुआती संकेतों के अनुसार यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तट की ओर जा सकता है। इसके प्रभाव से मध्य प्रदेश में भी आगामी दिनों में मौसम की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
कुल मिलाकर मानसून की विदाई से पहले मध्य प्रदेश में बारिश का दौर पूरी तरह खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलता रहेगा, जबकि 24 सितंबर के आसपास फिर से तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।