Edited By meena, Updated: 26 Aug, 2026 04:10 PM

उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जब नंदी हॉल में दर्शन के दौरान कावड़ियों की भीड़ ने जमकर हंगामा किया...
उज्जैन (विशाल सिंह) : उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जब नंदी हॉल में दर्शन के दौरान कावड़ियों की भीड़ ने जमकर हंगामा किया। बताया जा रहा है कि कुछ कावड़ यात्री कावड़ लेकर महाकाल मंदिर पहुंचे थे। कावड़ यात्रियों की जिद भगवान को जल चढ़ाने की थी। लेकिन आज्ञा ने मिलने पर बड़ी संख्या में कावड़ियों के पहुंचने से नंदी हॉल में भीड़ बढ़ गई और देखते ही देखते धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। आरोप है कि उपद्रवियों ने मंदिर परिसर में लगी बैरिकेडिंग और अवरोधकों को तोड़ दिया और जबरन गर्भगृह की ओर बढ़ने की कोशिश की। इतना ही नहीं उपद्रवियों ने दानपेटियों को भी इधर-उधर फेंक दिया।

सुरक्षाकर्मियों ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया तो विवाद बढ़ गया और उनके साथ हाथापाई और मारपीट की गई। घटना में कई सुरक्षाकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
हंगामे के चलते मंदिर परिसर में कुछ समय के लिए तनाव और अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु उस समय मंदिर में मौजूद थे, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए।
घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें नंदी हॉल के अंदर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और अव्यवस्था दिखाई दे रही है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और मंदिर के सुरक्षाकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। सुरक्षाकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित करने का प्रयास किया।

हंगामे के चलते कुछ समय के लिए दर्शन व्यवस्था प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। मंदिर प्रशासन और पुलिस की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती गई। घटना के दौरान सुरक्षाकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। महाकाल मंदिर प्रशासन की ओर से पूरे घटनाक्रम को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है।

घटना को गंभीरता से लेते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की बात कही है। समिति का कहना है कि धार्मिक आस्था के नाम पर मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ और गुंडागर्दी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब मंदिर प्रशासन और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य माध्यमों से आरोपियों की पहचान की जा रही है। प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।