Edited By Vandana Khosla, Updated: 10 Aug, 2026 11:23 AM

उज्जैन (विशाल सिंह ठाकुर): उज्जैन में श्रावण माह के दूसरे सोमवार पर विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दरबार में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन और भस्म आरती में शामिल होने के लिए उज्जैन...
उज्जैन (विशाल सिंह ठाकुर): उज्जैन में श्रावण माह के दूसरे सोमवार पर विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दरबार में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन और भस्म आरती में शामिल होने के लिए उज्जैन पहुंचे। मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
भस्म आरती के लिए मंदिर के कपाट तड़के 2 बजकर 30 मिनट पर खोले गए। परंपरा अनुसार सभा मंडप में वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन कर भगवान से आज्ञा ली गई, जिसके बाद चांदी का पट खोलकर कर्पूर आरती की गई। नंदी हॉल में नंदी जी का स्नान, ध्यान और पूजन संपन्न हुआ। इसके बाद भगवान महाकाल का जल से अभिषेक किया गया। दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से तैयार पंचामृत से भगवान का अभिषेक और पूजन हुआ। बाबा महाकाल का रजत चंद्र, त्रिशूल, मुकुट और आभूषणों से भव्य श्रृंगार किया गया। भांग, चंदन और ड्रायफ्रूट से श्रृंगार के बाद भगवान को भस्म अर्पित की गई।
भगवान महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की माला धारण कराई गई। इसके बाद फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया। भस्म आरती के बाद भी बाबा महाकाल के दर्शन का सिलसिला लगातार जारी है, जो रात 10 बजे होने वाली शयन आरती तक चलेगा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर सहित पूरे उज्जैन में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। गौरतलब है कि पिछले सोमवार को करीब 6 लाख 13 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन किए थे। इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।