महिला के नाखूनों से हुआ 2 साल पुराने अंधेकत्ल का खुलासा, एक गलती से पकड़े गए कातिल

Edited By meena, Updated: 03 Oct, 2026 01:50 PM

criminal arrested through fingernails

खास बात यह कि पुलिस इस केस में मृतका के नाखूनों में आरोपियों की फंसी चमड़ी (वैज्ञानिक साक्ष्य) के आधार पर कातिलों तक पहुंची। पुलिस ने मृतका के नाखूनों से घटना के समय मिले जैविक नमूनों...

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में करीब दो साल पहले हुई 40 वर्षीय महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। खास बात यह कि पुलिस इस केस में मृतका के नाखूनों में आरोपियों की फंसी चमड़ी (वैज्ञानिक साक्ष्य) के आधार पर कातिलों तक पहुंची। पुलिस ने मृतका के नाखूनों से घटना के समय मिले जैविक नमूनों का डीएनए प्रोफाइल सुरक्षित रखा था, जिसका वर्ष 2026 में संदिग्धों के डीएनए से मिलान हो गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया और सच उगलवा लिया।

शनिवार को मिली जानकारी के अनुसार, मामला खमतराई थाना क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर का है, जहां 21 अगस्त 2024 को लता साहू (40) की हत्या हुई थी। घटना के समय आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी थी। जांच के दौरान मृतका के नाखूनों में अज्ञात व्यक्तियों के जैविक निशान (चमड़ी) मिली थी। पुलिस ने इन नमूनों का डीएनए परीक्षण कराकर प्रोफाइल सुरक्षित रखी थी। वर्ष 2026 में जांच के दौरान कुछ संदिग्धों के संबंध में जानकारी मिलने पर पुलिस ने उनके डीएनए नमूने लेकर पुराने डीएनए प्रोफाइल से मिलान कराया।

पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपियों का डीएनए महिला के नाखूनों से मिले जैविक निशानों से मैच हो गया। इसके बाद उनसे पूछताछ की गई। शुरुआत में आरोपियों ने घटना को लेकर अलग-अलग बातें बताईं, लेकिन वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर लगातार पूछताछ के बाद घटना से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आईं।

पुलिस के मुताबिक, मृतका लता साहू के पहले पति का निधन हो चुका था और उसने दूसरी शादी की थी। उसका दूसरा पति फेरी लगाकर परिवार चलाता था। घटना वाले दिन 21 अगस्त 2024 को मनहरण सारंग (33), राजेश पाल उर्फ चोटी उर्फ राजू (31) और राजू मंडल उर्फ बंगाली (35) ट्रांसपोर्ट नगर स्थित लता के घर पहुंचे थे। तीनों लता और उसके पति के परिचित थे।

पुलिस के अनुसार घर में चारों ने शराब पी। शराब समाप्त होने के बाद दोबारा शराब मांगने को लेकर विवाद हुआ और मामला झूमाझटकी तक पहुंच गया। इसी दौरान राजू मंडल उर्फ बंगाली ने लता का गला दबाया, जबकि मनहरण सारंग ने उसके दोनों हाथ और राजेश पाल उर्फ चोटी ने दोनों पैर पकड़ रखे थे। लता ने खुद को बचाने के प्रयास में आरोपियों को नोचने की कोशिश की। पुलिस जांच के अनुसार इसी संघर्ष के दौरान आरोपियों के जैविक निशान उसके नाखूनों में रह गए, जो करीब दो वर्ष बाद मामले की गुत्थी सुलझाने में महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य बने।

पुलिस के मुताबिक, कुछ देर बाद लता की छटपटाहट बंद हो गई। इसके बाद तीनों आरोपी घर में रखे कैश, साड़ी और पायल लेकर पीछे की दीवार से निकलकर फरार हो गए। कैश आपस में बांट लिया गया, जबकि साड़ी और पायल मनहरण ने अपने पास रख ली। पुलिस ने मामले में रायपुर के रावांभाठा निवासी मनहरण सारंग (33), मुंगेली के नवागांव निवासी राजेश पाल उर्फ चोटी उर्फ राजू (31) और रावांभाठा, खमतराई रायपुर निवासी राजू मंडल उर्फ बंगाली (35) को गिरफ्तार किया है। राजू मंडल मूल रूप से दुर्ग का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक, राजू मंडल उर्फ बंगाली के खिलाफ पहले से दो चोरी और एक हत्या का मामला दर्ज है। लता साहू हत्याकांड उसके खिलाफ चौथा अपराध है। वहीं मनहरण सारंग के खिलाफ भी मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने और अवैध वसूली का मामला पहले से दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

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