Edited By Himansh sharma, Updated: 18 Oct, 2026 05:09 PM

मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है।
ग्वालियर। मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है। इसी कड़ी में शनिवार को ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन के जरिए पार्टी ने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और आगामी चुनावों के लिए संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दिया। इस दौरान कांग्रेस की रणनीति के साथ पार्टी छोड़कर जा चुके नेताओं की वापसी का मुद्दा भी चर्चा में रहा।
कमलनाथ सरकार गिराने वालों के लिए कांग्रेस के दरवाजे बंद
कांग्रेस के घर वापसी अभियान को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जो लोग आज भी कांग्रेस की विचारधारा और नीतियों के प्रति निष्ठा रखते हैं, उनकी पार्टी में वापसी पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए स्थानीय जिला अध्यक्ष के अनुमोदन की प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
हालांकि, जीतू पटवारी ने उन नेताओं को लेकर कोई नरमी नहीं दिखाई, जिन्होंने कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिराने में भूमिका निभाई थी और बाद में पार्टी छोड़ दी थी। उन्होंने साफ कहा कि ऐसे लोगों के लिए कांग्रेस के दरवाजे पहले भी बंद थे और आगे भी बंद रहेंगे।
घर वापसी अभियान में विचारधारा को प्राथमिकता
जीतू पटवारी के बयान से स्पष्ट संकेत मिलता है कि कांग्रेस घर वापसी अभियान के तहत पार्टी में शामिल होने वाले लोगों की राजनीतिक निष्ठा को अहमियत देना चाहती है। पार्टी उन नेताओं और कार्यकर्ताओं को वापस लाने की कोशिश कर रही है, जो कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े हुए हैं और संगठन के साथ काम करने के इच्छुक हैं।
वहीं, कमलनाथ सरकार गिराने वाले नेताओं को लेकर सख्त रुख अपनाकर कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं को यह संदेश देना चाहती है कि पार्टी छोड़कर जाने और चुनी हुई सरकार गिराने की राजनीतिक घटनाओं को आसानी से भुलाया नहीं जाएगा।
नगरीय निकाय चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने की कवायद
ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन को नगरीय निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस की संगठनात्मक तैयारियों के रूप में देखा जा रहा है। आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के लिए पार्टी को स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने और संगठन को मजबूत करने की जरूरत है।
ऐसे में जीतू पटवारी का बयान ग्वालियर सहित प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस की आगामी रणनीति का संकेत देता है। अब देखना होगा कि घर वापसी अभियान और संगठनात्मक सक्रियता के जरिए कांग्रेस आगामी नगरीय निकाय चुनावों में अपनी स्थिति कितनी मजबूत कर पाती है।