Edited By Himansh sharma, Updated: 30 Sep, 2026 03:34 PM
मध्य प्रदेश के ग्वालियर पहुंचे पूर्व मंत्री दर्जा प्राप्त कंप्यूटर बाबा ने ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थकों को लेकर बड़ा बयान दिया है।
ग्वालियर (अंकुर जैन): मध्य प्रदेश के ग्वालियर पहुंचे पूर्व मंत्री दर्जा प्राप्त कंप्यूटर बाबा ने ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थकों को लेकर बड़ा बयान दिया है। कंप्यूटर बाबा ने कहा कि सिंधिया समर्थकों की हालत पानी से बाहर आई मछली जैसी हो गई है और कई लोग कांग्रेस में वापसी के लिए तड़प रहे हैं। हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस को ऐसे लोगों को वापस लेने से बचना चाहिए। इस दौरान उन्होंने पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की भी तारीफ की और उन्हें समझदार और बुद्धिमान बताया। इसके अलावा उज्जैन उपद्रव, दतिया चुनाव याचिका और संत प्रेमानंद जी महाराज के शिष्य की मौत सहित कई मुद्दों पर भी अपनी बात रखी।
ग्वालियर पहुंचे कंप्यूटर बाबा ने ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थकों को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच चल रही सियासी हलचल पर बयान दिया। कंप्यूटर बाबा ने कहा कि सिंधिया समर्थकों की हालत इस समय पानी से बाहर आई मछली जैसी हो गई है। उन्होंने कहा कि कर्म का फल हर व्यक्ति को मिलता है और जो व्यक्ति किसी को धोखा देता है, उसे किसी न किसी समय उसका परिणाम भुगतना पड़ता है।
कंप्यूटर बाबा के मुताबिक, कई लोग कांग्रेस में वापस आने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से ऐसे लोगों को पार्टी में वापस लेने से बचने की बात कही, जो समय के हिसाब से अपना राजनीतिक रुख बदलते रहे हैं।
कंप्यूटर बाबा ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी के बड़े पदों पर बैठे लोग वास्तव में कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े हैं, तो ऐसे लोगों के लिए पार्टी के दरवाजे बंद रहने चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि सिंधिया समर्थकों की मौजूदा राजनीतिक स्थिति ठीक नहीं है और उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। कंप्यूटर बाबा ने कहा कि बीजेपी में पहले से बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता मौजूद हैं, ऐसे में सिंधिया समर्थकों के लिए वहां भी राजनीतिक जगह बनाना आसान नहीं है। उन्होंने एक बार फिर कर्म और उसके परिणाम का जिक्र करते हुए कहा कि जो किया गया है, उसका परिणाम भुगतना ही पड़ेगा।
वहीं, पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को लेकर कंप्यूटर बाबा का अलग अंदाज नजर आया। उन्होंने नरोत्तम मिश्रा को समझदार और बुद्धिमान व्यक्ति बताया। कंप्यूटर बाबा ने कहा कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा लंबे समय तक दतिया से विधायक रहे हैं और उन्हें टिकट दिया जाना चाहिए था। हालांकि टिकट नहीं मिलने के सवाल पर उन्होंने इसे राजनीतिक विषय बताते हुए ज्यादा टिप्पणी नहीं की.. उन्होंने कहा कि नरोत्तम मिश्रा अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर क्या फैसला लेते हैं, यह वही बेहतर जानते हैं।
दतिया से कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह के चुनाव को निरस्त करने की मांग से जुड़ी चुनाव याचिका पर भी कंप्यूटर बाबा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर किसी जनप्रतिनिधि ने कोई गलत काम किया है या चुनाव के दौरान कोई जानकारी छिपाई है, तो उसे उसका परिणाम भुगतना चाहिए।
कंप्यूटर बाबा ने कहा कि मामला बीजेपी से जुड़ा हो या कांग्रेस से, अगर किसी ने गलत किया है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
उज्जैन में हुए उपद्रव के मामले को लेकर भी कंप्यूटर बाबा ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने कानून तोड़ा है या उपद्रव किया है, तो उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार से पूरे मामले में निष्पक्ष और न्यायसंगत कार्रवाई करने की अपील की। संत प्रेमानंद जी महाराज के शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर भी कंप्यूटर बाबा ने जांच की मांग की।
उन्होंने कहा कि मामला गंभीर है और यह पता लगाना जरूरी है कि मौत किन परिस्थितियों में हुई। कंप्यूटर बाबा ने आशंका जताते हुए कहा कि यह सोची-समझी चाल भी हो सकती है, इसलिए जांच के जरिए सच्चाई सामने आनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि परिजन और संत समाज भी जांच की मांग कर रहे हैं। उनके मुताबिक, जांच होने से पूरे मामले की वास्तविकता सामने आएगी और किसी के मन में कोई शंका नहीं रहेगी। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की प्रस्तावित ‘सनातन स्वाभिमान यात्रा’ को लेकर भी कंप्यूटर बाबा ने बयान दिया।
उन्होंने कहा कि संत समाज राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित गड़बड़ी के मुद्दे पर आवाज उठाने के लिए दिग्विजय सिंह को धन्यवाद देता है। कंप्यूटर बाबा ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर उनकी दिग्विजय सिंह से चर्चा भी हुई है। उन्होंने यात्रा को गैर-राजनीतिक बताते हुए जनता, साधु-संतों और राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इसमें शामिल होने की अपील की। कंप्यूटर बाबा ने कहा कि धार्मिक आस्था और चंदे से जुड़े मामलों में पारदर्शिता जरूरी है और इसके लिए सभी को आगे आना चाहिए।