Edited By Himansh sharma, Updated: 19 Sep, 2026 05:55 PM

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बाबा महाकाल की धरती उज्जैन में दो वर्ष बाद होने जा रहा सिंहस्थ मध्यप्रदेश के लिए गौरव और सौभाग्य का अवसर है।
उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बाबा महाकाल की धरती उज्जैन में दो वर्ष बाद होने जा रहा सिंहस्थ मध्यप्रदेश के लिए गौरव और सौभाग्य का अवसर है। सिंहस्थ के प्राकट्य दिवस के अवसर पर आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने उपस्थित संतों और श्रद्धालुओं का प्रदेश सरकार की ओर से अभिनंदन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन में आयोजित यह धर्मसभा इंद्र की सभा जैसी भव्य प्रतीत हो रही है। धर्मसभा से प्राप्त मार्गदर्शन जनकल्याण के कार्यों को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ की तैयारियों को लेकर मध्यप्रदेश सरकार विशेष रूप से कार्य कर रही है और आयोजन को भव्य एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए लगातार तैयारियां की जा रही हैं।
दुनिया के सामने दिखेगी MP की सांस्कृतिक विरासत
सीएम यादव ने कहा कि सिंहस्थ के माध्यम से एक बार फिर मध्यप्रदेश की आध्यात्मिक, धार्मिक और सांस्कृतिक समृद्धि को पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। उज्जैन केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की महत्वपूर्ण धरोहर भी है।
उन्होंने कहा कि महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिली है। पहले जहां उज्जैन में करीब 60 से 70 लाख श्रद्धालु पहुंचते थे, वहीं पिछले वर्ष लगभग 8 करोड़ लोगों ने उज्जैन की यात्रा की। इससे शहर में धार्मिक पर्यटन के बढ़ते प्रभाव का अंदाजा लगाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन का विस्तार हो रहा है। उज्जैन भी इस बदलाव का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि आगामी सिंहस्थ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं होगा, बल्कि यह मध्यप्रदेश की संस्कृति, परंपरा, आस्था और आध्यात्मिक शक्ति को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर भी बनेगा। सरकार सिंहस्थ की तैयारियों को लेकर पूरी गंभीरता के साथ काम कर रही है।