Edited By Himansh sharma, Updated: 23 Sep, 2026 04:58 PM

इंदौर में भाजपा पार्षद संध्या यादव को लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की टिप्पणी पर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी तक पहुंच गया है।
MP Politics: इंदौर में भाजपा पार्षद संध्या यादव को लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की टिप्पणी पर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी तक पहुंच गया है। एक ओर विजयवर्गीय अपने बयान पर खेद जता चुके हैं, वहीं संध्या यादव ने भी पूरे मामले को पारिवारिक रिश्ते से जोड़ते हुए मंत्री का बचाव किया है। इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने विजयवर्गीय पर तीखा हमला बोला है। सज्जन सिंह वर्मा ने विजयवर्गीय की भाषा को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी भाषा अब एक अनपढ़ व्यक्ति जैसी हो गई है। वर्मा का यह बयान मीडिया से बातचीत के दौरान सामने आया है। उन्होंने विजयवर्गीय के हालिया बयानों को लेकर कई सवाल उठाए और दावा किया कि मंत्री राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर दबाव के दौर से गुजर रहे हैं।
वर्मा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा विजयवर्गीय को पर्याप्त महत्व नहीं दिए जाने के कारण वे अपना आपा खो रहे हैं। हालांकि, ये वर्मा के राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें उनके बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
विवाद की शुरुआत कहां से हुई?
पूरा विवाद इंदौर के वार्ड-6 में एक विकास कार्य के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ। मंच से कैलाश विजयवर्गीय ने भाजपा पार्षद संध्या यादव की शारीरिक बनावट को लेकर टिप्पणी की। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस बयान को लेकर बहस तेज हो गई और कांग्रेस ने भी इसे राजनीतिक मुद्दा बना लिया। विवाद बढ़ने के बाद विजयवर्गीय ने वीडियो जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि संध्या यादव बेटी जैसी हैं और उन्होंने उन्हें बचपन में गोद में खिलाया है। साथ ही उन्होंने अपनी टिप्पणी पर खेद भी जताया।
संध्या यादव ने भी किया बचाव
दिलचस्प बात यह रही कि जिन संध्या यादव को लेकर विवाद खड़ा हुआ, उन्होंने खुद विजयवर्गीय का बचाव किया। यादव ने कहा कि विजयवर्गीय उनके लिए पिता तुल्य हैं और दोनों के बीच लंबे समय से पारिवारिक संबंध हैं। उन्होंने लोगों से इस टिप्पणी को अन्यथा नहीं लेने की अपील की।
भाजपा की ओर से भी आया समर्थन
विवाद के बीच भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने भी विजयवर्गीय का बचाव किया। उन्होंने कहा कि विजयवर्गीय और संध्या यादव के बीच पुराने पारिवारिक संबंध हैं और कांग्रेस के पास राजनीतिक मुद्दों की कमी होने के कारण इस मामले को तूल दिया जा रहा है।
अब इस पूरे घटनाक्रम ने इंदौर की राजनीति में एक नई जुबानी जंग छेड़ दी है। एक तरफ विजयवर्गीय की सफाई और संध्या यादव का समर्थन सामने है, तो दूसरी ओर सज्जन सिंह वर्मा जैसे कांग्रेस नेताओं के हमलों से मामला राजनीतिक रंग ले चुका है।