बालाघाट में बच्चों की मौत पर गरमाई सियासत, राहुल गांधी बोले- दीये जलाने से फुर्सत मिले तो जमीन पर उतरिए

Edited By Himansh sharma, Updated: 17 Sep, 2026 02:56 PM

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मध्य प्रदेश के दौरे से  पहले कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रदेश सरकार पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

इंदौर। मध्य प्रदेश के दौरे से  पहले कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रदेश सरकार पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत, स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति, कुपोषण और शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल किया है। राहुल गांधी ने अपने बयान में आरोप लगाया कि प्रदेश के आदिवासी इलाकों में बीमारी, पोषण की कमी और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव का असर बच्चों पर पड़ रहा है।

राहुल गांधी ने बालाघाट में बच्चों की मौत का जिक्र करते हुए कहा कि 30 से अधिक आदिवासी बच्चों की बीमारी और कुपोषण जैसी परिस्थितियों के बीच जान जा चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी गंभीर घटनाओं के बावजूद सरकार की तरफ से अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं दिखाई दी। राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को उत्सव और दूसरे कार्यक्रमों से समय निकालकर प्रदेश के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े मुद्दों के साथ साफ पानी, पोषण और दवाओं की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए। राहुल गांधी ने मिलावटी दवाइयों और अवैध जहरीली शराब की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी परिस्थितियों का सीधा असर आम परिवारों पर पड़ रहा है और कई परिवारों को इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है।

शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर हमला

राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में छात्र, युवा, गरीब, दलित, आदिवासी, पिछड़े और महिलाएं अलग-अलग समस्याओं का सामना कर रहे हैं। शिक्षा व्यवस्था की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार की नीतियों और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, राहुल गांधी द्वारा लगाए गए इन राजनीतिक आरोपों पर सरकार या भाजपा की ओर से प्रतिक्रिया सामने आने पर उसका पक्ष भी इस मामले में महत्वपूर्ण रहेगा।

इंदौर में छात्रों से सीधे संवाद करेंगे राहुल

राहुल गांधी के मध्य प्रदेश दौरे का प्रमुख केंद्र इंदौर रहेगा। 19 सितंबर को आयोजित होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में वे छात्रों और युवाओं के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं और सुझाव सुनेंगे। राहुल गांधी ने छात्रों से अपील की है कि वे खुलकर बताएं कि उनके सामने कौन-सी चुनौतियां हैं और कौन-सी परिस्थितियां उन्हें अपने सपनों को पूरा करने से रोक रही हैं। छात्रों से ऑनलाइन माध्यम से अपनी समस्याएं और सुझाव साझा करने के साथ वीडियो के जरिए भी अपनी बात रखने की अपील की गई है।

कांग्रेस के मुताबिक, ‘छात्रों की गूंज’ अभियान का उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों के छात्रों की आवाज को सामने लाना है। इंदौर में होने वाले कार्यक्रम में भी शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर छात्रों से फीडबैक लिए जाने की बात कही गई है।

राहुल गांधी का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य, शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। अब इंदौर के कार्यक्रम में छात्रों से मिलने के बाद राहुल गांधी किन मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं, इस पर राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर नजर रहेगी

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