Edited By Himansh sharma, Updated: 12 Oct, 2026 02:54 PM

मध्य प्रदेश में ऑनलाइन माध्यम से नशीले पदार्थों की कथित बिक्री का मुद्दा अब सरकार के सामने भी उठने लगा है।
नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश में ऑनलाइन माध्यम से नशीले पदार्थों की कथित बिक्री का मुद्दा अब सरकार के सामने भी उठने लगा है। नरसिंहपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री जालम सिंह पटेल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने इस विषय को उठाते हुए चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ कंपनियां ऑनलाइन माध्यम से नशा युवाओं तक पहुंचा रही हैं। जालम सिंह ने इसे बच्चों के भविष्य के लिए गंभीर खतरा बताते हुए ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत बताई।
पूर्व मंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में 5 से 6 कंपनियां ऑनलाइन नशा पहुंचाने के काम में लगी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी कंपनियों को दंडित करना जरूरी है, ताकि युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाया जा सके। हालांकि, इन कंपनियों के नाम और आरोपों के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
नशे से परिवार और समाज पर पड़ता है असर
जालम सिंह पटेल ने युवाओं और बच्चों से नशे से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार से जुड़े लोगों को आर्थिक फायदा हो सकता है, लेकिन इसका सेवन करने वाले व्यक्ति को कोई वास्तविक लाभ नहीं मिलता। नशे की लत से न केवल व्यक्ति का भविष्य प्रभावित होता है, बल्कि परिवार में तनाव बढ़ता है और समाज के विकास पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। उन्होंने नशे के खिलाफ प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों को इस बुराई से बचाना सभी की जिम्मेदारी है।