मीडिया से रूठे MP के दिग्गज मंत्री? बोले - इंदौर में अब नहीं दूंगा बाइट

Edited By Himansh sharma, Updated: 25 Sep, 2026 02:41 PM

mp minister vijayvargiya snubs media in indore

मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका कोई नया राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि मीडिया से उनकी नाराजगी है।

इंदौर। मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका कोई नया राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि मीडिया से उनकी नाराजगी है। इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जब पत्रकारों ने उनसे बातचीत करने की कोशिश की तो विजयवर्गीय ने मीडिया से दूरी बनाए रखी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह इंदौर में मीडिया को कोई बाइट नहीं देंगे। विजयवर्गीय का यह रुख ऐसे समय सामने आया है, जब पिछले दिनों उनके एक बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा हुई थी। भाजपा की महिला पार्षद संध्या यादव को लेकर की गई उनकी टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया था। बयान सामने आने के बाद कांग्रेस ने इसे राजनीतिक मुद्दा बनाया और विजयवर्गीय के बयान पर सवाल उठाए।

मामला बढ़ने के बाद मंत्री ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए खेद जताया था। विजयवर्गीय ने कहा था कि संध्या यादव उनके लिए बेटी जैसी हैं और उनकी टिप्पणी को जिस संदर्भ में लिया गया, वह उनकी मंशा नहीं थी। सफाई के बाद विवाद को शांत करने की कोशिश भी हुई, लेकिन अब इंदौर में मीडिया से बातचीत से उनके इनकार ने इस पूरे घटनाक्रम को फिर चर्चा में ला दिया है।

कार्यक्रम के दौरान मीडिया कर्मियों की ओर से बातचीत का प्रयास किया गया, लेकिन विजयवर्गीय ने बाइट देने से साफ मना कर दिया। उनका यह फैसला सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा शुरू हो गई। सवाल यह उठ रहा है कि हालिया बयान को लेकर पैदा हुए विवाद के बाद क्या मंत्री ने फिलहाल मीडिया से दूरी बनाने का रास्ता चुना है।

इधर, कांग्रेस ने विजयवर्गीय के इस रुख को लेकर उन पर निशाना साधा है। पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार में विजयवर्गीय की बात नहीं चल रही है। उन्होंने विजयवर्गीय को इस्तीफा देने की सलाह तक दे दी। वर्मा ने कहा कि स्वाभिमान के साथ जीवन जीने के लिए उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।

हालांकि, विजयवर्गीय के मीडिया से बातचीत नहीं करने के फैसले को लेकर उनकी ओर से फिलहाल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि इंदौर में मीडिया को बाइट नहीं देने का उनका फैसला स्थायी है या हालिया विवाद के बाद लिया गया तत्काल निर्णय।

कैलाश विजयवर्गीय मध्य प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं और उनके बयान अक्सर राजनीतिक चर्चाओं का हिस्सा बनते रहे हैं। ऐसे में इंदौर में मीडिया से दूरी बनाने की उनकी बात ने एक बार फिर राजनीतिक और मीडिया दोनों क्षेत्रों में चर्चा पैदा कर दी है।

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