Edited By Himansh sharma, Updated: 24 Sep, 2026 04:24 PM

मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव लगातार तेज होता जा रहा है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव लगातार तेज होता जा रहा है। अब प्रदेश कांग्रेस ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर सड़क पर उतरने का फैसला किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ऐलान किया है कि 28 सितंबर को भोपाल में निर्वाचन सदन का घेराव किया जाएगा। इसके बाद प्रदेश के अलग-अलग जिलों में भी जिला निर्वाचन अधिकारियों के कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन की रणनीति बनाई गई है।
कांग्रेस का मुख्य सवाल अंतिम मतदाता सूची से हटाए गए नामों को लेकर है। पार्टी ने दावा किया है कि मध्य प्रदेश में अंतिम सूची से 34 लाख 25 हजार 78 नाम हटाए गए हैं। कांग्रेस इन नामों का विधानसभा, जिला और कारणवार विवरण सार्वजनिक करने की मांग कर रही है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में हुए बदलावों की पूरी जानकारी सामने आनी चाहिए, ताकि प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब मिल सके।
पटवारी ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर अपना आंदोलन जारी रखेगी। पटवारी ने निर्वाचन प्रक्रिया में दर्ज आपत्तियों, SIR से जुड़े बदलावों और मतदाता सूची के डिजिटल रिकॉर्ड से संबंधित जानकारियां सार्वजनिक करने की मांग भी रखी है।
कांग्रेस की ओर से यह भी कहा गया है कि नाम बहाली के लिए आए आवेदनों में कितने आवेदन स्वीकार या अस्वीकार किए गए और अस्वीकृति के क्या कारण रहे, इसका विवरण सामने आना चाहिए। पार्टी डिजिटल रिकॉर्ड के ऑडिट ट्रेल तथा निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी और बूथ लेवल अधिकारियों की भूमिका से जुड़ी जानकारी भी मांग रही है।
पटवारी ने प्रशासनिक अधिकारियों को लेकर भी सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि सरकार के पक्ष में काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के व्यवहार का राजनीतिक स्तर पर जवाब दिया जाएगा। उनके बयान में कलेक्टर, एसपी और निर्वाचन व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों का भी उल्लेख किया गया।
28 सितंबर को भोपाल में घेराव, जिलों में भी आंदोलन
कांग्रेस की प्रस्तावित रणनीति के मुताबिक 28 सितंबर को भोपाल स्थित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय पर प्रदेश स्तर का प्रदर्शन होगा। इसके बाद जिलों में जिला निर्वाचन अधिकारियों के कार्यालयों का घेराव करने की योजना है। रिपोर्टों के अनुसार कांग्रेस ने इसे मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की तैयारी की है।