Edited By Himansh sharma, Updated: 20 Sep, 2026 06:37 PM

पूर्व IPS अधिकारी रघुवीर सिंह मीना के खिलाफ ST जाति प्रमाणपत्र से जुड़े मामले में FIR दर्ज होने के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है।
गुना। (गौरव शर्मा) पूर्व IPS अधिकारी रघुवीर सिंह मीना के खिलाफ ST जाति प्रमाणपत्र से जुड़े मामले में FIR दर्ज होने के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। चांचौड़ा की पूर्व भाजपा विधायक और रघुवीर सिंह मीना की पत्नी ममता मीना ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर निशाना साधते हुए कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े किए हैं। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में ममता मीना ने कहा कि उनके परिवार को किसी भी तरह की कार्रवाई से डराया नहीं जा सकता। उन्होंने यहां तक कहा कि चाहे दो-चार और केस दर्ज करा दिए जाएं, वे डरने वाली नहीं हैं।
FIR के बाद ममता मीना का वीडियो
रघुवीर सिंह मीना के खिलाफ पुलिस मुख्यालय की सतर्कता शाखा की ओर से जाति प्रमाणपत्र से जुड़े मामले में FIR दर्ज की गई है। मामला वर्ष 1984 में विदिशा से जारी ST जाति प्रमाणपत्र की वैधता और उसके आधार पर आरक्षण का लाभ लेने से जुड़े आरोपों से संबंधित बताया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस मामले की जांच के दौरान प्रमाणपत्र की वैधता को लेकर सवाल उठे थे और उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने इसे अमान्य घोषित किया था।
FIR दर्ज होने के बाद ममता मीना ने वीडियो जारी कर कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके परिवार पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, ये आरोप ममता मीना की ओर से लगाए गए हैं। FIR और उससे जुड़े आरोपों की जांच फिलहाल संबंधित एजेंसियों और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
‘दो-चार केस और करा दो, हम डरेंगे नहीं’
ममता मीना ने अपने बयान में कहा कि उनके और उनके परिवार के खिलाफ चाहे कितने भी मामले दर्ज करा दिए जाएं, वे पीछे हटने वाली नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वे कानूनी तरीके से अपनी लड़ाई जारी रखेंगी।
ममता मीना ने अपने राजनीतिक संघर्ष का जिक्र करते हुए रानी लक्ष्मीबाई का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि वह दबाव में आने के बजाय अपनी बात जनता तक पहुंचाएंगी। इसी दौरान उन्होंने वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव का भी जिक्र किया और कहा कि चुनाव दूर नहीं है तथा समय आने पर जनता जवाब देगी।
सिंधिया से पुराने राजनीतिक मतभेद
ममता मीना और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच राजनीतिक मतभेद पहले भी सार्वजनिक रूप से सामने आते रहे हैं। मौजूदा विवाद में ममता मीना ने सिंधिया पर अधिकारियों और जनता पर राजनीतिक दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने आने वाले समय में ग्वालियर-चंबल क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में अपनी बात जनता के बीच रखने की बात कही है।
क्या है रघुवीर सिंह मीना के खिलाफ FIR का मामला?
पुलिस की कार्रवाई के अनुसार, रघुवीर सिंह मीना के खिलाफ आरोप ST जाति प्रमाणपत्र के आधार पर आरक्षण का लाभ लेने से जुड़े हैं। उपलब्ध न्यायिक रिकॉर्ड के मुताबिक, उनका चयन वर्ष 1984 में MPPSC के माध्यम से DSP पद के लिए हुआ था और वर्ष 1986 में उनकी नियुक्ति हुई। बाद में उन्हें IPS कैडर अवॉर्ड भी मिला।
मौजूदा जांच में वर्ष 1984 में जारी ST प्रमाणपत्र, उसके आधार पर मिले आरक्षण लाभ और प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की है।
फिलहाल मामले में आरोपों की जांच जारी है। रघुवीर सिंह मीना की ओर से कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखने की बात सामने आई है। ऐसे में मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।