Edited By Himansh sharma, Updated: 06 Sep, 2026 12:37 PM

शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक महिला ने भाजपा के स्थानीय नेता और उनके परिवार के सदस्यों पर मारपीट, जबरन शादी का दबाव बनाने और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
छतरपुर (राजेश चौरसिया): शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक महिला ने भाजपा के स्थानीय नेता और उनके परिवार के सदस्यों पर मारपीट, जबरन शादी का दबाव बनाने और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ज्ञान उर्फ संध्या राजपूत (28) की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी रोहित राजा परमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
फेसबुक के जरिए हुई थी पहचान, पति से अलग रहने लगी महिला
पीड़िता ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि वर्ष 2015 में उसका विवाह रामादीन राजपूत से हुआ था। दंपती के तीन बच्चे हैं। महिला के अनुसार, कुछ समय पहले फेसबुक के माध्यम से उसकी पहचान रोहित राजा परमार से हुई थी। इसके बाद उसके वैवाहिक जीवन में विवाद की स्थिति बनी और उसका पति उससे अलग रहने लगा। वर्तमान में महिला अपनी बेटी के साथ सागर रोड स्थित सिद्ध गणेश कॉलोनी में रह रही है।
शादी का दबाव बनाने का आरोप, विरोध करने पर मारपीट
महिला ने आरोप लगाया कि भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष (भंगवा) रवि राजा परमार, उनके भाई रोहित राजा परमार और परिवार के अन्य सदस्य उस पर शादी करने और साथ रहने का दबाव बना रहे थे। महिला का कहना है कि जब उसने इसका विरोध किया तो आरोपी कथित तौर पर घर में घुस आए और मां-बेटी के साथ अभद्रता करते हुए मारपीट की। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायत के बाद पुलिस ने की कार्रवाई
लगातार मिल रही धमकियों से परेशान महिला सिविल लाइन थाने पहुंची और पुलिस से सुरक्षा की मांग करते हुए नामजद शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रोहित राजा परमार को गिरफ्तार कर लिया।
अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मामले में शिकायत में नामजद अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।