भरी बैठक में BJP के दिग्गज विधायक ने खोली पोल! बोले- गरीबों से पैसे खा रहे नेता-अधिकारी, कलेक्टर ने भी जताई नाराजगी

Edited By Himansh sharma, Updated: 04 Sep, 2026 01:36 PM

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भाजपा के कद्दावर नेता और वरिष्ठ विधायक जयंत मलैया ने कहा कि दमोह में नेता और अधिकारी गरीबों के पैसे खा रहे हैं।

दमोह: (इम्तियाज़ चिश्ती): सूबे से लेकर देश तक जिस पार्टी की सरकार हो और उसी सरकार के नेता और अफसर यदि खुलकर बोलें, तो मान लीजिए मामला बहुत गहरा है। मध्य प्रदेश के दमोह से एक ऐसी ही हड़कंप मचाने वाली खबर सामने आई है, जहां एक पूर्व मंत्री और मौजूदा वरिष्ठ विधायक तथा जिले के कलेक्टर को खुलकर बोलना पड़ा।

भाजपा के कद्दावर नेता और वरिष्ठ विधायक जयंत मलैया ने कहा कि दमोह में नेता और अधिकारी गरीबों के पैसे खा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोग आठ-आठ साल से भटक रहे हैं और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

मामला कुछ ऐसा है कि दमोह में विकास कार्यों और व्यवस्थाओं को लेकर कलेक्ट्रेट में एक बैठक आयोजित की गई थी। इसमें नगर पालिका के पार्षदों और अधिकारियों को बुलाया गया था। बैठक में विधायक जयंत मलैया, कलेक्टर प्रताप नारायण यादव और भाजपा जिलाध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक में नगर पालिका के कार्यों की समीक्षा की जा रही थी।

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कई बिंदुओं पर चर्चा हुई, लेकिन जैसे ही प्रधानमंत्री आवास योजना का मुद्दा सामने आया, पूर्व मंत्री जयंत मलैया नाराज हो गए। सख्त लहजे में उन्होंने भरी बैठक में पार्षदों के सामने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना की किश्त दिलाने के नाम पर नेता और अधिकारी गरीबों से पैसे खा रहे हैं।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसमें पार्टीगत कोई बात नहीं है, जो सही है, वह सही है। मलैया की इस बात को सुनकर बैठक में मौजूद लोग भी हैरान रह गए, क्योंकि यह बात किसी और ने नहीं, बल्कि करीब 40 वर्षों से इस इलाके का प्रतिनिधित्व करने वाले भाजपा के कद्दावर और अनुभवी नेता ने कही थी।

मामला यहीं शांत नहीं हुआ। जिले के कलेक्टर प्रताप नारायण यादव भी मौजूदा हालात को देखते हुए खुद को रोक नहीं पाए और उन्होंने जमीनी हकीकत सबके सामने रख दी।कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना की किश्त के लिए लोग भटक रहे हैं। अधूरे निर्माण कार्यों की वजह से उनके अधूरे घरों में घास उग आई है और हम आठ-आठ साल से गरीबों को किश्त नहीं दे पा रहे हैं।

एक बड़े नेता और एक बड़े अफसर के ये बयान बहुत कुछ बयां कर गए कि सरकारी दावों के बीच जमीनी हकीकत आखिर क्या है। बैठक के बाद इन दोनों जिम्मेदारों के बयान सोशल मीडिया पर भी चर्चा में हैं। वहीं, जयंत मलैया ने कैमरे के सामने भी अपनी बात को जायज ठहराया और कहा कि उन्होंने बैठक में जो कहा, वह सही कहा।

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