Edited By Vandana Khosla, Updated: 02 Sep, 2026 03:57 PM

बैतूलः मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में नल-जल योजनाओं के तहत ग्राम पंचायतों में संचालित मोटरों के बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर सरपंचों में नाराजगी है। सरपंच एकता महासंघ ने बुधवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर बिलों की जांच कराने और जांच पूरी होने तक पेयजल...
बैतूलः मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में नल-जल योजनाओं के तहत ग्राम पंचायतों में संचालित मोटरों के बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर सरपंचों में नाराजगी है। सरपंच एकता महासंघ ने बुधवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर बिलों की जांच कराने और जांच पूरी होने तक पेयजल योजनाओं के बिजली कनेक्शन नहीं काटने की मांग की। महासंघ के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि कई ग्राम पंचायतों में नल-जल योजना की मोटरों की वास्तविक क्षमता से अधिक हॉर्स पावर दर्ज किए जाने के कारण लाखों रुपये के बिजली बिल जारी किए गए हैं।
पंचायतों की आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि वे इतनी बड़ी राशि का भुगतान कर सकें। सरपंचों ने कहा कि बढ़े हुए बिलों का भुगतान नहीं होने पर बिजली कनेक्शन काटे जाने की आशंका है। ऐसा होने पर गांवों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। उन्होंने मांग की कि बिलों की जांच और विवाद के निराकरण तक नल-जल योजनाओं के कनेक्शन नहीं काटे जाएं। महासंघ ने जिले की सभी नल-जल योजनाओं में स्थापित मोटरों की भौतिक एवं तकनीकी जांच कराने की मांग की है। इसके लिए बिजली कंपनी और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों की संयुक्त समिति गठित करने का सुझाव दिया गया है।
समिति मोटरों की वास्तविक क्षमता, हॉर्स पावर और बिजली खपत की जांच करे। महासंघ ने कहा कि जांच में बिलों में गड़बड़ी मिलने पर वास्तविक बिजली खपत के आधार पर बिलों में संशोधन किया जाए। साथ ही जिला प्रशासन, बिजली कंपनी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और सरपंच एकता महासंघ के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक बुलाकर समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। सरपंचों का कहना है कि समस्या का शीघ्र समाधान होने से पंचायतों पर अनावश्यक आर्थिक भार नहीं पड़ेगा और गांवों में नल-जल योजनाओं के माध्यम से पेयजल आपूर्ति निर्बाध बनी रहेगी।