Edited By meena, Updated: 29 Sep, 2026 12:57 PM

मध्य प्रदेश के गोलेश्वर धाम, करहिया के महंत सोमनाथ गिरी महाराज का एक कथित वीडियो सामने आने के बाद उन्होंने एक वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी है...
डबरा (भरत रावत) : मध्य प्रदेश के गोलेश्वर धाम, करहिया के महंत सोमनाथ गिरी महाराज का एक कथित वीडियो सामने आने के बाद उन्होंने एक वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी है। महंत सोमनाथ गिरी ने पूरे मामले को एक सोची-समझी साजिश करार देते हुए वैराग्यानंद उर्फ 'मिर्ची बाबा' और उनके सहयोगियों पर उन्हें फंसाने और बदनाम करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
सोमनाथ गिरी महाराज ने लगाए यज्ञ के नाम पर वसूली और साजिश का आरोप
महंत सोमनाथ गिरी ने आरोप लगाया कि मिर्ची बाबा और उनके सहयोगी गोपाल भारद्वाज धाम और क्षेत्र में यज्ञ कराने के नाम पर आए थे। उनका कहना है कि पिछले साल भी क्षेत्र के लोगों से लाखों रुपये लिए गए थे और इस बार भी ऐसा ही प्रयास किया जा रहा था। जब उन्होंने कलेक्टर और एसडीएम की लिखित अनुमति तथा क्षेत्रवासियों की सहमति के बिना यज्ञ कराने से मना किया, तो उनके खिलाफ साजिश रची गई
वायरल वीडियो पर दी सफाई
वीडियो के संदर्भ में सोमनाथ गिरी ने स्पष्ट किया कि करीब एक माह पूर्व वह दिल्ली में उनके ठिकाने पर गए थे। वहां मौजूद युवकों ने किसी महिला से वीडियो कॉल पर बात करते हुए फोन उनके हाथ में थमा दिया और कहा कि यह 'चेलिन' (शिष्या) है। महंत के अनुसार, उन्होंने स्क्रीन पर आपत्तिजनक स्थिति देखकर फोन करने का इशारा किया और वीडियो कॉलिंग न करने की बात कही। इसी दौरान पीछे से किसी ने उनका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और बाद में उन्हें बदनाम करने की नीयत से इसे गलत तरीके से प्रचारित किया गया।
स्थान से हटाने और आर्थिक दबाव बनाने की बात
महंत का कहना है कि धाम की दान-राशि और व्यवस्था में किसी भी प्रकार का अनुचित हस्तक्षेप न होने देने के कारण कुछ लोग उन्हें इस स्थान से हटाना चाहते हैं।
प्रशासन को पहले से सूचना देने का दावा
सोमनाथ गिरी ने दावा किया कि उन्हें पहले से ही इस प्रकार के षड्यंत्र की आशंका थी। इसके चलते उन्होंने तीन-चार महीने पहले ही कलेक्टर कार्यालय, पुलिस अधीक्षक (एसपी) और संबंधित थाने में आवेदन देकर अपने खिलाफ साजिश रचे जाने की आशंका जताई थी। महंत सोमनाथ गिरी ने कहा कि वह सच्चाई सामने रख रहे हैं और भोलेनाथ सब जानते हैं; अब क्षेत्र की जनता को तय करना है कि वे सच को किस रूप में देखते हैं।