भाजपा में बड़ा बदलाव! इन चेहरों को पार्टी ने अचानक दी बड़ी जिम्मेदारी, 111 इस्तीफों और मंडल भंग होने के बाद नई टीम का हुआ ऐलान

Edited By Vandana Khosla, Updated: 24 Sep, 2026 02:24 PM

major reshuffle in the bjp the party has suddenly entrusted key responsibilitie

राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में पिछले दिनों सामने आए संगठनात्मक विवाद और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के इस्तीफे के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार रात शहर मंडल का पुनर्गठन करते हुए सौमित्र सोनी को अध्यक्ष नियुक्त...

राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में पिछले दिनों सामने आए संगठनात्मक विवाद और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के इस्तीफे के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार रात शहर मंडल का पुनर्गठन करते हुए सौमित्र सोनी को अध्यक्ष नियुक्त किया है। विनय बंसल और अमित बोस को मंडल महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। भाजपा की नई संगठनात्मक व्यवस्था ऐसे समय में सामने आई है, जब डोंगरगढ़ शहर मंडल में पिछले करीब दो महीने से संगठनात्मक स्तर पर उठापटक चल रही थी।

गौरतलब हो कि 27 जुलाई को शहर मंडल के 111 कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से सामूहिक इस्तीफा देने की घोषणा की थी। इस्तीफा देने वालों में मंडल, जिला और प्रदेश स्तर से जुड़े वर्तमान एवं पूर्व पदाधिकारी, पूर्व पार्षद, बूथ अध्यक्ष, शक्ति केंद्र प्रभारी तथा सक्रिय कार्यकर्ता शामिल थे। इसके बाद भी इस्तीफों का क्रम जारी रहा और करीब दो दर्जन से अधिक अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी इससे जुड़े। बाद में यह संख्या 136 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई थी। संगठन में बढ़े विवाद के बीच प्रदेश भाजपा ने छह अगस्त को डोंगरगढ़ शहर मंडल इकाई को भंग कर दिया था। इसके साथ ही प्रिंस कक्कड़, अनिल पांडेय, वीरेंद्र साहू, संतोष राव और परविंदर सिंह मोंटी को पार्टी से निष्कासित किया गया था।

इसके बाद से शहर मंडल के नए गठन की प्रतीक्षा की जा रही थी। नव नियुक्त शहर मंडल अध्यक्ष सौमित्र सोनी डोंगरगढ़ भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष और संगठन में सक्रिय रहे स्व. चमन सोनी के पुत्र हैं। संगठन ने उनके साथ विनय बंसल और अमित बोस को महामंत्री बनाकर नई टीम को जिम्मेदारी सौंपी है। नई कार्यकारिणी के सामने शहर मंडल में संगठनात्मक गतिविधियों को फिर गति देने, बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने और पिछले विवाद के दौरान संगठन से अलग हुए कार्यकर्ताओं के साथ संवाद स्थापित करने की चुनौती रहेगी।

उल्लेखनीय है कि सामूहिक इस्तीफों के बाद शहर मंडल इकाई को भंग किए जाने और पांच कार्यकर्ताओं के निष्कासन से डोंगरगढ़ भाजपा में संगठनात्मक विवाद खुलकर सामने आया था। अब नए अध्यक्ष और महामंत्रियों की नियुक्ति के साथ पार्टी ने शहर मंडल में नए सिरे से संगठनात्मक व्यवस्था स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की है। 

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