Edited By Himansh sharma, Updated: 24 Oct, 2026 05:38 PM
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की एक रिक्त सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा की एक रिक्त सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई इस सीट पर 12 नवंबर 2026 को मतदान और मतगणना होनी है। मध्य प्रदेश विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पास मौजूद प्रचंड बहुमत को देखते हुए इस सीट पर भाजपा उम्मीदवार की जीत पूरी तरह तय मानी जा रही है। ऐसे में हर किसी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी इस बार किस चेहरे को संसद भेजेगी।
संख्याबल का गणित: बीजेपी की राह बेहद आसान
मध्य प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा में सीटों का गणित पूरी तरह भाजपा के पक्ष में है:
भाजपा (BJP): 164 विधायक
कांग्रेस (Congress): 65 विधायक
जीत के लिए आवश्यक वोट: राज्यसभा उपचुनाव में एकल सीट होने के कारण जीत के लिए किसी भी उम्मीदवार को मात्र 58 विधायकों के समर्थन की जरूरत है। भाजपा के पास बहुमत से कहीं अधिक संख्या बल है, जिससे विपक्षी दल कांग्रेस के लिए इस सीट पर कोई बड़ी चुनौती पेश करने की गुंजाइश नहीं बची है।
क्यों हो रहा है उपचुनाव?
यह सीट भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। उन्होंने 14 अक्टूबर 2026 को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इस सीट का मूल कार्यकाल 2 अप्रैल 2030 तक था, यानी नए चुने जाने वाले सांसद का कार्यकाल करीब साढ़े तीन साल का होगा।
रेस में शामिल संभावित चेहरे
राजनीतिक गलियारों और सूत्रों के अनुसार, भाजपा इस सुरक्षित सीट के लिए अपने राष्ट्रीय समीकरणों को ध्यान में रखकर फैसला ले सकती है। चर्चाओं में निम्नलिखित नाम सबसे आगे चल रहे हैं:
राष्ट्रीय और केंद्रीय चेहरे (बाहरी उम्मीदवार):
स्मृति ईरानी: पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का नाम इस रेस में सबसे ज्यादा सुर्खियों में है। अमेठी से लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी उन्हें राज्यसभा के जरिए संसद ला सकती है।
वानती श्रीनिवासन: भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष वानती श्रीनिवासन के नाम पर भी गंभीर मंथन चल रहा है। चूंकि डॉ. मुरुगन तमिलनाडु से आते हैं, इसलिए दक्षिण भारत के प्रतिनिधित्व को बनाए रखने के लिए उनके नाम को एक मजबूत विकल्प माना जा रहा है।
हरदीप सिंह पुरी: मोदी कैबिनेट के वरिष्ठ सदस्य हरदीप सिंह पुरी के नाम की भी चर्चाएं राजनीतिक हलकों में हैं।
एस. के. संधू: पूर्व आईएएस अधिकारी एस.के. संधू का नाम भी संभावित उम्मीदवारों की सूची में गिना जा रहा है।
मध्य प्रदेश के स्थानीय दावेदार:
यदि केंद्रीय नेतृत्व मध्य प्रदेश के ही किसी नेता को मौका देने का फैसला करता है, तो राज्य स्तर से पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया और भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया समन्वयक आशीष अग्रवाल के नामों पर भी कयास लगाए जा रहे हैं।
उपचुनाव का पूरा शेड्यूल
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव की प्रक्रिया इस प्रकार रहेगी:
अधिसूचना जारी होने की तारीख: 26 अक्टूबर 2026
नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख: 02 नवंबर 2026
नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी): 03 नवंबर 2026
नाम वापसी की अंतिम तिथि: 05 नवंबर 2026
मतदान और मतगणना: 12 नवंबर 2026 (सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान, शाम 5 बजे से मतगणना)