Edited By meena, Updated: 15 Oct, 2026 07:24 PM

मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन का इस्तीफा...
भोपाल : मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन का इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया है। पीएम मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति ने केंद्रीय मंत्रीपरिषद से मुरुगन के इस्तीफे को तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया है। इस्तीफा मंजूरी की यह सारी प्रक्रिया संविधन के अनुच्छेद 75 के खंड(2) के तहत पूरी की गई है। एल. मुरुगन केंद्रीय मंत्री के साथ साथ मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य भी थे। उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक निर्धारित था। ऐसे में कार्यकाल पूरा होने से पहले उनके इस्तीफे के कारण मध्य प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट खाली हो गई है।
तमिलनाडु के रहने वाले एल. मुरुगन केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री थे। वे 27 सितंबर 2021 में पहली बार मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे। 3 अप्रैल 2024 में उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत की। उनका कार्यकाल 2030 तक था लेकिन अचानक 13 अक्टूबर 2026 को उन्होंने केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया साथ ही मध्य प्रदेश की राज्यसभा सदस्यता छोड़ने का फैसला लिया।
इसके साथ ही मोदी कैबिनेट से भी एक और मंत्री कम हो गया है। एल. मुरुगन समेत मोदी कैबिनेट (मंत्रिपरिषद) से हाल ही में 3 मंत्री इस्तीफा दे चुके हैं। जिनमें रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन शामिल हैं। इसके अलावा, कुछ मंत्रियों के कार्यकाल समाप्त होने या अन्य कारणों से मंत्रिपरिषद में खाली पदों की संख्या बढ़कर लगभग आधा दर्जन (लगभग 5 से 6 पद) होने की संभावना जताई जा रही है। एल. मुरूगन के इस्तीफे के साथ ही अब मोदी कैबिनेट में उठापटक की अटकलें शुरु हो गई है।