Edited By meena, Updated: 13 Oct, 2026 08:12 PM

राजनीति से जुड़ी एक अहम और बड़ी खबर सामने आई है। यहां केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ....
भोपाल : राजनीति से जुड़ी एक अहम और बड़ी खबर सामने आई है। यहां केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने अपने मंत्री पद और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। केंद्रीय मंत्री ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर केंद्रीय राज्य मंत्री के तौर पर जिम्मेदारियों से मुक्त करने और राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने की अनुमति मांगी है।
डॉ. एल. मुरूगन का मध्य प्रदेश की राजनीति से भी गहरा नाता रहा है। वे मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य रहे हैं वे सितंबर 2021 निर्वोध निर्वाचित हुए थे। राज्यसभा की यह सीट पूर्व केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। गहलोत को कर्नाटक का राज्यपाल बनाए जाने के बाद उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा दिया था। जिसके बाद भाजपा ने डॉ. एल. मुरुगन को राज्यसभा प्रत्याशी घोषित किया था। हालांकि इस सीट पर संभावित उम्मीदवारों के तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, लाल सिंह आर्य और प्रदेश प्रवक्ता अर्चना चिटनिस सहित कई नेता दौड़ में थे।
लेकिन आज 13 अक्टूबर को उन्होंने अचानक अपने सभी जिम्मेवारियों से मुक्त होते हुए अपना इस्तीफा पीएम मोदी को भेज दिया है। साथ ही राज्यसभा सदस्यता छोड़ने की अनुमति मांगी है।डॉ. मुरुगन ने पीएम मोदी के भेजे लेटर में अपने राजनीति अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने सूचना एवं प्रसारण, संसदीय कार्य, मत्स्य पालन और पशुपालन मंत्रालयों में मिली जिम्मेदारियों का जिक्र करते हुए कहा है कि इन अवसरों से उन्हें देश और उसके लोगों को समझने का मौका मिला। उन्होंने कहा, ''विनम्रता और कृतज्ञता के साथ मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि मुझे राज्य मंत्री के रूप में मेरी जिम्मेदारी से मुक्त कर दें और राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने की अनुमति दें, ताकि मैं तमिलनाडु में पार्टी को मजबूत करने के लिए पूरा समय समर्पित कर सकूं।''