Edited By Himansh sharma, Updated: 17 Oct, 2026 04:40 PM

महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महिला किसानों को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट की हैं।
रायसेन। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महिला किसानों को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट की हैं। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के सांची में आयोजित महिला किसान सम्मेलन में उन्होंने कहा कि महिलाओं को खेती-किसानी के साथ नए व्यवसायों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। सरकार का जोर महिला किसानों को वित्तीय सुविधाएं, आधुनिक तकनीक और आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर रहेगा।
महिला किसानों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
सांची में आयोजित सम्मेलन में शिवराज सिंह चौहान ने महिलाओं से पारंपरिक खेती के साथ कृषि के नए तरीकों और नवाचारों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाएं कृषि क्षेत्र में अपनी भागीदारी को और मजबूत करें। इसके लिए उन्हें तकनीकी मार्गदर्शन और आर्थिक सहायता जैसे अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है।
कृषि मंत्री ने महिलाओं को केवल खेती तक सीमित न रहने, बल्कि कृषि आधारित कारोबार में भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उनका कहना था कि महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होने से परिवार की आय बढ़ेगी और गांवों के विकास को भी गति मिलेगी।
प्रोसेसिंग यूनिट से खुलेंगे रोजगार के रास्ते
महिला किसान दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान ने महिलाओं को उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग से जुड़ी इकाइयां स्थापित करने और खेती को व्यवसाय के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि माताओं और बहनों को भी बेहतर जीवन जीने, आत्मनिर्भर बनने और अपनी अलग पहचान बनाने के पूरे अवसर मिलने चाहिए। महिलाएं छोटे कृषि उद्योगों और प्रसंस्करण इकाइयों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकती हैं। इससे उन्हें अपनी उपज का बेहतर उपयोग करने और आमदनी के अतिरिक्त साधन विकसित करने में मदद मिल सकती है।
गरीबी मुक्त गांव बनाने में महिलाओं की अहम भूमिका
केंद्रीय मंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि गांवों को गरीबी से मुक्त बनाने के लिए प्रत्येक परिवार के पास आय का स्थायी साधन होना जरूरी है। इस लक्ष्य को हासिल करने में महिला किसानों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
खेती से जुड़े कामों में महिलाओं के योगदान को आर्थिक अवसरों में बदलने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि महिला किसानों को पर्याप्त संसाधन और सहयोग मिलना चाहिए, ताकि वे अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ सकें। कृषि आधारित उद्यमों को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
सांची में पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
महिला किसान सम्मेलन से पहले शिवराज सिंह चौहान ने सांची में पौधरोपण भी किया। उन्होंने पौधों को पर्यावरण की हरियाली और मानव जीवन की समृद्धि से जोड़ते हुए लोगों से नियमित रूप से पौधे लगाने की अपील की।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण की मुहिम में अधिक से अधिक लोगों को शामिल होने और पौधरोपण अभियान से जुड़ने के लिए अपना पंजीकरण कराने का आग्रह किया। कार्यक्रम के दौरान महिला किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश भी दिया गया।