Edited By Vandana Khosla, Updated: 13 Oct, 2026 10:11 AM

एमपी डेस्कः मध्यप्रदेश की राजनीति में आदिवासियों के अधिकारों को लेकर नई बहस छिड़ गई है। शिवराज सिंह चौहान के बेटे ने मोहन यादव सरकार की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जंगलों में पीढ़ियों से रह रहे आदिवासी आखिर जरूरी दस्तावेज कहां से लाएंगे? बता...
एमपी डेस्कः मध्यप्रदेश की राजनीति में आदिवासियों के अधिकारों को लेकर नई बहस छिड़ गई है। शिवराज सिंह चौहान के बेटे ने मोहन यादव सरकार की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जंगलों में पीढ़ियों से रह रहे आदिवासी आखिर जरूरी दस्तावेज कहां से लाएंगे? बता दें कि वन विभाग के द्वारा आदिवासियों के घरों को उजाड़ा गया है। प्रभावित आदिवासी परिवार कोसमी डीपो के बाहर धरने पर बैठ गए हैं।
जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम शिवराज के पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान भी धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने प्रभावित परिवारों को ढांढस बंधाया और कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसी के साथ ही कार्तिकेय ने सीएम मोहन को घेरते हुए कहा कि इन्हीं आदिवासियों की वोट की वजह से उनकी सरकार बनी है। ऐसे में इन लोगों के साथ अमानवीय व्यवहार क्यों किया जा रहा है। शिवराज के बेटे ने कहा कि वह सरकार से लड़ने के लिए नहीं पहुंचे है। उन्होंने केवल मोहन यादव सरकार से पूछा है कि जंगलों में पीढ़ियों से रह रहे आदिवासी आखिर कागज कहां से लाएंगे?
बता दें कि केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के हस्तक्षेप के बाद वन विभाग ने उनके संसदीय क्षेत्र के कोसमी गांव में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान को फिलहाल रोक दिया है। इधर, प्रभावित आदिवासी परिवार कोसमी डीपो के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि बुधवार तक उनको न्याय नहीं मिला तो गुरुवार से वे भोपाल में धरना शुरू करेंगे।