मोहन सरकार के खिलाफ मानवाधिकार आयोग जाएंगे शिवराज के बेटे, बोले- इस साजिश को हम सफल नहीं होने देंगे

Edited By meena, Updated: 13 Oct, 2026 12:31 PM

kartikeya singh chouhan to approach the human rights commission against the moha

मध्य प्रदेश में सीहोर जिले के कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। केंद्रीय कृषि मंत्री और...

भोपाल : मध्य प्रदेश में सीहोर जिले के कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। केंद्रीय कृषि मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बाद अब उनके बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ने भी इस मामले में हस्तक्षेप किया है। उन्होंने आदिवासी परिवारों के साथ हुई कार्रवाई को अमानवीय बताते हुए मानवाधिकार आयोग जाने की बात कही है और चेतावनी भरे लहजे में कहा कि हम सरकार को इस साजिश में कामयाब नहीं होने देंगे।

दरअसल, सीहोर जिले के कोसमी गांव में वन विभाग ने कथित अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 12 आदिवासी परिवारों के घरों को तोड़ दिया था। कार्रवाई के दौरान परिवारों की फसलें भी नष्ट होने और एक कुएं को भर दिए जाने की बात सामने आई है। वन विभाग का कहना है कि संबंधित जमीन पर अतिक्रमण किया गया था और नोटिस देने के बाद कार्रवाई की गई।

वीडियो

साजिश कामयाब नहीं होने देंगे

कार्तिकेय ने इस कार्रवाई को अमानवीय बताते हुए कहा कि इस दौरान एक 3 साल के बच्चे के सिर में जेसीबी की पंजा लगा। एक बहन के बाल पकड़कर खींचे गए और इतना ही नहीं एक आदिवासी भाई को उठाकर कुएं में फेंक दिया गया। आदिवासी को जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने कहा कि कार्रवाई करना एक बात है, जबकि अमानवीय व्यवहार करना बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह है एक बहुत बड़ी साजिश है, हम इस साजिश को कामयाब नहीं होने देंगे।

अधिकारियों को दी चेतावनी

कार्तिकेय ने कहा कि जिन अधिकारियों ने आदिवासियों के साथ अमानवीय व्यवहार किया है उनको किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

मानवाधिकार आयोग पहुंचा मामला

अब कार्तिकेय सिंह चौहान के मानवाधिकार आयोग जाने के ऐलान से यह मामला और चर्चा में आ गया है। कार्तिकेय ने आदिवासी परिवारों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके अधिकारों की पैरवी करने की बात कही। उन्होंने कहा कि हम आदिवासियों के लिए सरकार के साथ भी बैठकर बात करेंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इन आदिवासियों का सरकार बनाने में योगदान है, ऐसे में हम इनका विश्वास किसी भी हालत में टूटने नहीं देंगे। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य सरकार के खिलाफ कोई मोर्चा खोलना नहीं है, बल्कि आदिवासी परिवारों के साथ हुई कार्रवाई के मामले को उचित मंच पर उठाना है।

शिवराज सिंह भी जता चुके आपत्ति

इस मामले को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने भी नाराजगी जताई थी। उन्होंने अधिकारियों से बात कर मामले की जानकारी ली और प्रभावित परिवारों को राहत दिलाने की बात कही। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी मामले में मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है और जांच के बाद स्थिति स्पष्ट करने की बात कही है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!