मुख्यमंत्री मोहन के ख़िलाफ़ उतर आये शिवराज! क्षेत्र के लोगों का अतिक्रमण हटा तो हुए आग बबूला, बोले- इन्हीं लोगों ने तुम्हें CM बनाया

Edited By Vandana Khosla, Updated: 12 Oct, 2026 10:43 AM

shivraj turns against chief minister mohan he was left fuming after

बुदनी (अमित शर्मा): वन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा संसदीय क्षेत्र विदिशा के आदिवासी बहुल कोसमी गांव में अतिक्रमण पर कार्रवाई को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान आग बबूला हुए है। जी हां बुधनी विधानसभा क्षेत्र के इस गांव में हुई कार्रवाई...

बुदनी (अमित शर्मा): वन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा संसदीय क्षेत्र विदिशा के आदिवासी बहुल कोसमी गांव में अतिक्रमण पर कार्रवाई को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान आग बबूला हुए है। जी हां बुधनी विधानसभा क्षेत्र के इस गांव में हुई कार्रवाई की जानकारी मिलते ही केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कोसमी पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और पूरे मामले पर कड़ा आक्रोश जताया। कोसमी चौहान के संसदीय क्षेत्र विदिशा और विधानसभा क्षेत्र बुधनी के अंतर्गत आता है। शिवराज जब मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री थे तब वह विधानसभा में बुधनी का प्रतिनिधित्व करते थे।

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वन विभाग और जिला प्रशासन ने कुछ महीने पहले भी इस प्रकार की कार्रवाई की कोशिश की थी तब चौहान ने अधिकारियों से चर्चा कर आदिवासी परिवारों के घर नहीं गिराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद रविवार को यह कार्रवाई की गई। शिवराज के कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया कि पूर्व मुख्यमंत्री ने घटनास्थल से ही मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी और अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को भी फोन कर गरीब परिवारों के घर तोड़े जाने की जानकारी दी और कहा कि वह शीघ्र ही इस मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव से भी चर्चा करेंगे।

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बयान के मुताबिक, शिवराज सिंह चौहान ने साफ शब्दों में कहा कि गरीब परिवारों को बेघर करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, ''जिन परिवारों के घर तोड़े गए हैं, उनके लिए नए घर बनवाए जाएंगे। साथ ही, जब तक उनके रहने की स्थायी व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक उनके रहने और खाने-पीने की अस्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।''

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शिवराज ने गरीब परिवारों के आशियाने उजड़ने, उनकी फसलें नष्ट होने और पानी के लिए इस्तेमाल होने वाले कुएं को मिट्टी से भर दिए जाने का आरोप लगाते हुए प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने मौके पर वन विभाग और प्रशासन के किसी भी बड़े अधिकारी के मौजूद नहीं होने पर भी नाराजगी जताई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस कार्रवाई में केवल घर ही नहीं टूटे, बल्कि पीड़ित परिवारों की आजीविका पर भी चोट पहुंची है। 

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