Edited By meena, Updated: 05 Oct, 2026 09:10 PM

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार को एक सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के बाहर छात्रों के प्रदर्शन के बाद शिक्षा विभाग ने विज्ञान की एक महिला शिक्षिका...
भोपाल : मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार को एक सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के बाहर छात्रों के प्रदर्शन के बाद शिक्षा विभाग ने विज्ञान की एक महिला शिक्षिका का दूसरे स्कूल में तबादला कर दिया और उनकी जगह एक अन्य शिक्षक को नियुक्त किया। मिसरोद क्षेत्र स्थित नवीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्रों ने शिक्षिका पर उन्हें फेल करने की धमकी देने, स्कूल से जुड़े काम कराने और प्रोजेक्ट के नाम पर पैसे मांगने का आरोप लगाया था। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी मांगें नहीं मानने पर शिक्षिका ने उन्हें फेल करने की धमकी दी और विद्यार्थियों की पाइप से पिटाई भी की। मिसरोद थाने के प्रभारी निरीक्षक विमलेश कुमार राय ने हस्तक्षेप किया और करीब चार घंटे बाद छात्रों तथा स्कूल प्रबंधन के बीच समझौता कराया। इसके बाद विद्यार्थी अपराह्न करीब दो बजे अपनी कक्षाओं में लौट गए।
थाना प्रभारी ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी अभिनव आर्य ने छात्रों को कार्रवाई का आश्वासन दिया था। आर्य ने को बताया कि संबंधित शिक्षिका का दूसरे स्कूल में तबादला कर दिया गया है और छात्रों को पढ़ाने के लिए भौतिकी के एक अन्य शिक्षक को नियुक्त किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा, ''शिक्षिका पर लगाए गए गंभीर आरोपों की जांच की जाएगी। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष जांच दो दिन में पूरी करने का प्रयास किया जाएगा।'' छात्रों ने बताया कि मुख्य रूप से 11वीं कक्षा के गणित और जीव विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों ने तीन अक्टूबर को प्राचार्य को लिखित शिकायत दी थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि स्कूल में यूपीएससी और अन्य भर्ती परीक्षाओं के दौरान उनसे बेंच व्यवस्थित कराने, परिसर की सफाई कराने और रोल नंबर लिखवाने जैसे काम कराए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऐसे कामों के लिए उन्हें रविवार को भी स्कूल बुलाया जाता था। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कहा, ''हम पढ़ाई करने के लिए स्कूल आते हैं, कर्मचारियों की तरह काम करने के लिए नहीं।''
छात्रों ने आरोप लगाया कि विज्ञान की शिक्षिका उनसे प्रोजेक्ट के नाम पर हर महीने पैसे मांगती थीं और कहती थीं कि जो विद्यार्थी इसका खर्च उठा सकते हैं, वही विज्ञान की पढ़ाई करें। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षिका कक्षा में मोबाइल फोन पर व्यस्त रहती थीं और उनके सामने वरिष्ठ छात्रों की लोहे की पाइप से पिटाई की गई। शिक्षिका बबीता कुशवाह ने इन आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि वह 1999 से अध्यापन कर रही हैं और भौतिकी में अच्छे परिणाम सुनिश्चित करने के लिए सख्ती बरतती हैं। उन्होंने छात्रों को पास या फेल करने के लिए पैसे मांगने या लेने तथा स्कूल परिसर की सफाई कराने के आरोपों को भी खारिज किया। नवीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की स्थापना 1962 में हुई थी और यहां 37 कर्मचारी हैं। कुशवाह वर्ष 2010 से इस विद्यालय में पढ़ा रही थीं।